धनबाद। डॉ. संजीवा रेड्डी, राजेंद्र प्रसाद सिंह व एसक्यू जामा सभी कोर्ट के फैसले को झूठा साबित करने में लगे थे। जबकि फैसला क्या है यह सबके सामने आ चुका है। उक्त बातें इंटक (ददई गुट) के अध्यक्ष व पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने रविवार को धनबाद में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला आए बिना मिठाइयां बांटने का काम रेड्डी के समर्थकों ने किया है। यह सरासर अदालत की अवमानना है। कोल इंडिया ने कोर्ट से माफी मांगा तब जाकर केस समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि डॉ. संजीवा रेड्डी व राजेंद्र सिंह सरकार से मिले हुए हैं। इसका नतीजा है कि जेबीसीसीआइ की छह सीट से घटकर चार हो गई। बीएमएस व एचएमएस के लालच में आकर काम किया है। रेड्डी व राजेंद्र पूरी तरह से मजदूरों को धोखा दे रहे हैं। दोनों अपने को तथाकथित अध्यक्ष और महामंत्री बोलते हैं। सच्चाई यह है कि इंटक का मैं अध्यक्ष हूं। मजदूर हमारे साथ है।
दुबे ने कहा कि बीएमएस के डॉ. बसंत कुमार राय पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं। सेटिंग कर इंटक की सीट ले ली। सरकार के इशारे पर काम करते हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि हम चुनाव लड़ने को तैयार हैं। आलाकमान को टिकट का फैसला करना है। फैसला होते ही मैं मैदान में उतर जाउंगा। संघ के महासचिव एनजी अरुण ने कहा कि इंटक पर किसी का हक नहीं है। जनवरी 2019 में फैसला आ जाएगा। जबतक सात जनवरी का फैसला नहीं आ जाता तब तक किसी भी कमेटी में कोई भी इंटक प्रतिनिधि नहीं बैठ सकता है। सुरेंद्र पांडेय, कालीचरण यादव, इंद्र कुमार दुबे, लक्ष्मण तिवारी, विकास पाठक, रवि चौबे मौजूद थे।

धोखा से ले गया हैदराबाद रांची में किया ड्रामा

ददई ने कहा कि हैदराबाद मुझे राजेंद्र प्रसाद सिंह ने धोखे से ले जाकर चकमा दिया है। रांची में व्यक्तिगत तौर पर मिलने गया था। उसपर भी ड्रामाबाजी हुई। विलय का सवाल ही नहीं उठता है। इंटक एचएमएस में विलय करने जा रहा है।

जामा को बताया टंडेल

ददई दुबे ने सार्वजनिक रूप से प्रेस के सामने कहा कि एसक्यू जामा संजीवा रेडी व राजेंद्र सिंह के टंडेल का काम करता है। यह एक पत्रवाहक है और कुछ नहीं। फैसला आया नहीं और कोल सचिव को पत्र लिख दिया।

ललन चौबे गुट को लगा झटका
ललन चौबे गुट में अध्यक्ष पद संभाल रहे एचएन चटर्जी ने ददई दुबे के समक्ष अपने पूरी टीम का विलय कर दिया। एचएन चटर्जी ने कहा कि 10 जुलाई को ही पूरी कमेटी को भंग कर दिया है। इसकी सूचना रजिस्ट्रार तक को दे दी गई है। दुबे ने माला पहनाकर उसका स्वागत किया। साथ ही कहा कि चौबे के बारे में कुछ भी कहना माथा पटकना जैसी बात होगी।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version