औरंगाबाद । केंद्रीय विद्युत नवीन एवं नवीकरण उर्जा विभाग के मंत्री, राजकुमार सिंह ने कहा है कि देश के सभी शहर गांवों को शीघ्र ही 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी । इस दिशा में काफी गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।

आरके सिंह ने आज औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड में स्थित विधुत परियोजना एनपीजीसी के अतिथि गृह में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सभी गांवों में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना पर विद्युत मंत्रालय ने कार्य करना शुरू कर दिया है ।इसके लिए केंद्र सरकार ने तीन लाख तीन हजार करोड़ रुपये की एक योजना स्वीकृत की है ।उन्होंने बताया कि अभी देश के सभी गांवों में 22 घंटे बिजली की उपलब्धता है और हमारी योजना इसे बढ़ाकर सभी गांवों में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है । इसके अलावा हमारा लक्ष्य सिंचाई के लिए शीघ्र ही हर खेत तक बिजली पहुंचाने का भी है । इसके लिए देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्युत उपक्रमों को तेजी से काम करने के लिए कहा गया है ।

केंद्रीय विद्युत मंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में देश के गांवों में केवल 10 से 12 घंटे तक ही बिजली की उपलब्धता थी जिसे केंद्र की मौजूदा सरकार ने बढ़ाकर अभी 22 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की है । उन्होंने कहा कि देश के शहरी इलाके में कहीं-कहीं 24 घंटे और कहीं-कहीं 23 से साढे 23 घंटे तक बिजली की उपलब्धता है जिसे शीघ्र ही 24 घंटे निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम चल रहा है ।

आरके सिंह ने कहा आज देश में बिजली का सरप्लस उत्पादन हो रहा है।जबकि पहले देश में बिजली की भारी कमी थी ।उन्होंने कहा कि अभी पूरे देश में दो लाख मेगावाट बिजली की मांग है जबकि हमारी कुल उत्पादन क्षमता तीन लाख 84 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में अभी एक लाख 42 हजार किलोमीटर ग्रिड लाइन का विस्तार हो चुका है और हम किसी अन्य कारणों से ब्लैक आउट होने की स्थिति में देश के किसी भी कोने से दूसरे कोने तक बिजली पहुंचाने में सक्षम हैं ।उन्होंने कहा कि देश के हर गांव – टोला तथा हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 18 माह में देश भर के 2.82 करोड़ घरों को बिजली से जोड़ा गया है। इतने अल्प समय में किया गया यह रिकॉर्ड कार्य है।यह इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है।उन्होंने कहा कि हर गांव तथा हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजना पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 2 लाख 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए जिसमें केवल बिहार को 22 हजार करोड़ रुपये मिला ।एनटीपीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली नबीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी के दूसरे स्टेज के तहत 8 – 8सौ मेगावाट बिजली उत्पादन की तीन इकाइयों की स्थापना के प्रस्ताव पर आवश्यकतानुसार केंद्र सरकार गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। यदि हर दृष्टिकोण से यह उपयोगी तथा आवश्यक होगा तो दूसरे स्टेज पर भी कार्य शुरू किया जाएगा ।उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली के उत्पादन , उपलब्धता तथा संचरण व्यवस्था को दुरुस्त करने पर मंत्रालय का विशेष जोर है ।उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्रालय सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देगा । सौर ऊर्जा के माध्यम से वातावरण में प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी ।इसके अलावा पनबिजली तथा पवन ऊर्जा को भी बढ़ावा देने पर मंत्रालय काम कर रहा है ।उन्होंने कहा कि भारत में बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति की चर्चा अब पूरी दुनिया में होने लगी है ।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version