रांची। झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को दूसरी पाली में भाजपा के वॉकआउट के समय स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो ने कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय के ऊपर एक टिप्पणी की थी। इसका सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को भाजपा विधायक सीपी सिंह ने विरोध किया।
उन्होंने कहा कि आप पर आरोप नहीं लगा रहा स्पीकर महोदय लेकिन जो टिप्पणी आपने दीपिका पांडेय पर की वह उचित नहीं है। इसपर स्पीकर ने कहा कि मैंने सिर्फ इतना बोला था कि कहीं इधर के कुछ लोग भी भाजपा के साथ वाकआउट ना कर जाएं। इसके बावजूद सीपी सिंह बोलते रहे, जिसपर स्पीकर ने कड़े तेवर में कहा कि सीपी बाबू ऐसा नहीं है कि मुझे राजनीतिक हालात की समझ नहीं है।
सीपी सिंह और स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो के बीच हो रहे संवाद के बीच दीपिका पांडेय ने कहा कि भाजपा विधायक को मेरी जिम्मेदारी लेने की जरूरत नहीं है। मेरी जिम्मेदारी लेने के लिए हमारे विधायक दल के नेता हैं।
विपक्ष के विधायक लगातार मुख्यमंत्री की इस्तीफे की मांग को लेकर सदन में हंगामा कर रहे थे। इसी बीच स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आपलोग मेरा इस्तीफा ले लीजिए। स्पीकर ने कहा कि जिन चार विधायकों को निलंबित किया गया है वे मेरी तरफ पीठ करके भाषण दे रहे थे। इसके बाद भाजपा विधायक राज सिन्हा और आलोक चौरसिया रिपोर्टर के टेबल पर बैठकर हंगामा करने लगे। अपने विधायकों के निलंबन के विरोध में स्पीकर के आसन की तरफ पीठ करके सदन में नारेबाजी करने लगे। विपक्ष की तरफ से पूरे विपक्ष को निलंबित करने की मांग होने लगी। इस बीच झामुमो के विधायक वेल में आकर विपक्ष को निलंबित करने की मांग स्पीकर से करने लगे।