रांची। झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सदन की दूसरी पाली जैसी ही शुरू हुई और अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू हुई। भाजपा ने अपने चारों विधायकों के निलंबन का मुद्दा उठाया। नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि जब विधायक जेपी पटेल को निलंबित किया गया था, तब वे सदन में उपस्थिति नहीं थे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बातों को रखने का अधिकार है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आपकी सलाह पर हम विचार करेंगे। उसके बाद भाजपा के सभी विधायक स्पीकर के सामने पीठ दिखाकर हंगामा करने लगे। भाजपा विधायक कह रहे थे कि निलंबित किये गए विधायकों का कोई कसूर नहीं है।

भाजपा विधायक विरंची नारायण ने कहा कि पिछले सरकार के समय तो विपक्ष ने स्पीकर के समक्ष जूते-चप्पल फेंकने का काम किया था। हमने तो केवल पीठ दिखाने का काम किया। अगर आपकी नजर में यह अपराध है तो हम सभी भाजपा विधायकों को भी सस्पेंड कर दीजिए।

स्पीकर रबिन्द्र नाथ महतो ने सीपी सिंह से कहा कि विधानसभा की सारी कार्यवाही की एक रिपोर्ट संसद भी जाती है। अब अगर हंगामे वाली विधानसभा की रिपोर्ट संसद में जाएगी, तो यह बात अच्छी नहीं है। इसके जवाब में सीपी सिंह ने कहा कि जब आप विपक्ष में थे, तब तो स्पीकर के सामने तत्कालीन विपक्ष द्वारा जूता-चप्पल तक चलाया गया, इसकी जो रिपोर्ट संसद गयी। इसपर सीपी सिंह ने कहा कि इसी का परिणाम है कि 2014-2019 तक सदन में जूता-चप्पल चलाकर आप स्पीकर बन गए और हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री।

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