रांची। झारखंड में सियासी संकट के बीच यूपीए के विधायकों को रायपुर एयरलिफ्ट किया गया है। कांग्रेस-जेएमएम और राजद के 32 विधायकों को रांची से इंडिगो के विशेष विमान से रायपुर लाया गया है। विधायकों को 3 बसों में बिठाकर नवा रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट ले जाया गया है। चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। इससे पहले रांची में मुख्यमंत्री आवास पर यूपीए विधायकों की बैठक हुई। बैठक के बाद वहां से दो बसों में सवार हो कर सभी विधायक रांची एयरर्पोट पहुंचे। कुछ विधायक अपनी गाड़ी से भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद विधायकों को छोड़ने के लिए एयपोर्ट आये थे।
हार्स ट्रेडिंग से डर रही सरकार:
राज्य का सियासी पारा पिछले छह दिनों से चढ़ा हुआ है। चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता से संबंधित पत्र राज्यपाल रमेश बैस को भेज दिया है। इसके बाद से उनकी सदस्यता को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। यूपीए पर वर्तमान संकट को देखते हुए पिछले छह दिनों से झामुमो और कांग्रेस अपन-अपने विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास में लगा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधायकों को एकजुट रखने के लिए हर दिन बैठक कर रहे। उन्हें झारखंड के अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इसके बाद मंगलवार को यूपीए विधायकों को रायपुर शिफ्ट किया गया। सभी विधायक मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री आवास से दो बस में निकले यहां से इंडिगो फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना हुए। शाम को रायपुर पहुंचे। जहां पहले से खड़ी तीन बस उन्हें रिसार्ट तक ले कर गयी। रायपुर में रिसार्ट दो दिन यानी 30 और 31 अगस्त के लिए बुक कराया गया है। स्थिति को देखते हुए बुकिंग को बढ़ाया जा सकता है।
32 विधायक रायपुर हुए हैं शिफ्ट:
सूत्रों के मुताबिक यूपीए के 32 विधायकों को एयरलिफ्ट कियागया है। इनमें कांग्रेस से 12, झामुमो के 19 और राजद के 1 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और संतोष पांडे रायपुर गये हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगी अभी नहीं गये हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1 सितंबर को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। चर्चा है कि इस बैठक की वजह से मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगी सदस्य रायपुर नहीं गये हैं।
हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सत्तापक्ष तैयार: हेमंत सोरेन
रांची एयरपोर्ट पर यूपीए विधायक को छोड़ने पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मीडिया से भी रूबरू हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां कोई अप्रत्याशित घटना नहीं घटने वाली है। यह कोई आश्चर्यचकित करने वाली बात या नयी परिपाटी नहीं है। ना ही कोई अनहोनी होने जा रही है। हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सत्तापक्ष तैयार है। रणनीति के तहत कार्य किए जाते हैं। उसी रणनीति का छोटा सा कार्य ये आपने देखा। आगे भी देखने को मिलेगा। सरकार षड्यंत्रकारियों को जवाब देने के लिए तैयार है।