-सहायक पुलिसकर्मियों को दो वर्ष का अवधि विस्तार मिलेगा: हेमंत
-मुख्यमंत्री ने कहा, जब से सरकार बनी, गिराने की साजिश होती रही है
-हमने लड़ कर राज्य लिये हैं, लड़ कर हक-अधिकार भी लेंगे
आजाद सिपाही संवाददाता
चाइबासा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सहायक पुलिसकर्मियों के भविष्य को लेकर सरकार चिंतित है। इस दिशा में जल्द ठोस निर्णय लिये जायेंगे। राज्य के सहायक पुलिस कर्मियों को दो वर्ष का अवधि विस्तार मिलेगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चाइबासा में आयोजित प्रमंडलीय रोजगार मेला में बोल रहे थे। उन्होंने 10 हजार अभ्यर्थियों को आॅफर लेटर सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से सरकार बनी है, तब से गिराने की कोशिश हो रही है। सरकार ने राज्य की सवा तीन करोड़ की आबादी की सेवा करने का संकल्प ले रखा है। इस दिशा में काफी कम समय में हमने कई ऐसे निर्णय लिये हैं, जो राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। जन कल्याण से जुड़ी योजनाएं अब धरातल पर उतर रही हैं और उसका असर भी दिख रहा है।
चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं। इस कड़ी में पढ़े-लिखे, कम पढ़े-लिखे और निरक्षर लोगों के लिए रोजगार की कई योजनाएं चल रही हैं। वहीं, जो स्वरोजगार के इच्छुक हैं, उन्हें मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत आर्थिक मदद कर रहे हैं।
सिर्फ रोजगार नहीं दे रहे, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में मदद दे रहे:
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ युवाओं को रोजगार नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे कोर्स करने के लिए सरकारी मदद भी कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं को अपने प्रखंड में ही कौशल विकास का नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए बिरसा केंद्र खोला गया है। विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दे रही है। अत्यंत संवेदनशील आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है। ऐसी कई और भी योजनाएं हैं, जो आपके भविष्य को बनाने के लिए सरकार ने शुरू की है।
सरकारी हो या निजी क्षेत्र, आपके लिए कई मौके:
हेमंत सोरेन ने कहा कि एक ओर सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो निजी क्षेत्र में भी यहां के आदिवासियों-मूलवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नियम बनाये हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य में कार्यरत निजी संस्थानों और कंपनियों में 40 हजार रुपये प्रति माह तक की नौकरियों में यहां के आदिवासियों-मूलवासियों को 75 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य होगा। यह कानून बनने के बाद आज पहली बार कोल्हान की धरती से एक साथ 10,020 युवाओं को आॅफर लेटर मिलना राज्य के लिए मील का पत्थर है। मुझे यह जान कर भी बहुत खुशी हुई कि इसमें लगभग 9500 आदिवासी-मूलवासी हैं। इनमें 80 प्रतिशत आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के युवा हैं। यह सिलसिला आगे भी चलेगा और बड़े पैमाने पर यहां के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करायेंगे।
बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास:
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप मजबूत होंगे, तो आपके घर-परिवार में सुख समृद्धि आयेगी। जब आपका परिवार खुशहाल होगा, तो राज्य भी सशक्त और मजबूत बनेगा। इसी सोच के साथ सरकार आपको अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए आपके साथ खड़ी है। इस दिशा में संसाधनों का बेहतर प्रयोग करने के लिए कार्य नीति बनायी गयी है। हमारा संकल्प है राज्य की जनता को बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था दे सकें।
चुनौतियों का सामना कर राज्य को नयी दिशा दे रहे:
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने लंबा संघर्ष कर झारखंड अलग राज्य लिया है। अब लड़ कर अपना हक-अधिकार भी लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी आपके बीच से ही आया हूं, इसलिए आपकी समस्याओं से भलीभांति वाकिफ हूं। ऐसे में आपकी उम्मीदों के अनुरूप योजनाओं को बना कर उसे धरातल पर उतार रहे हैं। जब से हमारी सरकार बनी है, तब से कई चुनौतियों हमारे सामने आयीं, सरकार गिराने की साजिश रची जाती रही, तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं, लेकिन इन तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आज हम राज्य को एक नयी दिशा दे रहे हैं।
आदिवासी एकजुट होकर अपनी ताकत दिखायें:
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। अलग राज्य बनने के 20 वर्षों तक आदिवासियों के हितों को दरकिनार किया जाता रहा। जब हमारी सरकार बनी, तो आदिवासियों को विकास से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की। आदिवासी कला-संस्कृति और परंपरा को अलग पहचान मिले, इसलिए आदिवासी महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू किया गया। उन्होंने आदिवासियों से कहा कि वे एकजुट हों और अपनी ताकत दिखायें, तभी वे मजबूत बनेंगे और आगे बढ़ेंगे।
कार्यक्रम में थे मौजूद:
इस अवसर पर मंत्री आलमगीर आलम, चंपाई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, जोबा मांझी और बन्ना गुप्ता के अलावा सांसद गीता कोड़ा, विधायक सुखराम उरांव, निरल पूर्ति, सविता महतो, दीपक बिरुवा, सोनाराम सिंकू, मंगल कालिंदी, समीर मोहंती, संजीव सरदार और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले में 10 हजार अभ्यर्थियों को सौंपा ऑफर लेटर
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