शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का बुधवार सुबह चंडीगढ़ से संपर्क कट गया। भारी भूस्खलन की वजह से सोलन जिले के परवाणू में शिमला को चंडीगढ़ से जोड़ने वाला नेशनल हाइवे-पांच अवरुद्ध हो गया है। हाइवे का करीब 40 मीटर हिस्सा बह गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। अचानक आई इस आपदा से हाइवे के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है।

प्रवक्ता ने कहा है कि इस वजह से यह हाइवे सभी प्रकार की गाड़ियों के लिए बंद हो गया है। प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। अगर किसी वाहन चालक को चंडीगढ़ से शिमला आना हो तो पिंजौर से बरोटीवाला, चंडी, कुनिहार और टूटू सड़क मार्ग का प्रयोग किया जा सकता है।सोलन आने के लिए कुनिहार और सुबाथू वाली सड़क का इस्तेमाल किया जा सकता है। हल्के वाहन परवाणू से कसौली होते हुए धर्मपुर पहुंच सकते हैं। हिमाचल प्रदेश ट्रैफिक, टूरिस्ट और रेलवे पुलिस ने भी इस बारे में ट्वीट किया है। ट्वीट के अनुसार हाइवे से मलबा हटाया जा रहा है। फिलहाल यह रास्ता बंद है। मलबा हटाने के बाद सूचित किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में भूस्खलन की वजह से 321 सड़कें बंद हैं। लोकनिर्माण विभाग के शिमला जोन में सबसे ज्यादा 187 सड़कें बाधित हैं। मंडी जोन में 107, कांगड़ा जोन में 23 और हमीरपुर जोन में तीन सड़कों पर आवाजाही ठप है। प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। तब से अब तक राज्य के 76 स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। 53 स्थान बाढ़ की चपेट में आए। इस वजह से 54 लोगों की जान चली गई। मानसून सीजन के दौरान सरकारी विभागों को 5722 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी तीन दिन राज्य के मैदानी एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version