रांची। मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी इंडो डेनिश टूल रूम जमशेदपुर के पूर्व डीजीएम आशुतोष कुमार, उनकी पत्नी चयनिका और रिश्तेदार केशव वत्स की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई हाइकोर्ट में हुई। मामले में कोर्ट ने इडी की विशेष अदालत द्वारा इन तीनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही प्रार्थी को आदेश दिया कि वे तारसेम लाल बनाम इडी के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सीआरपीसी की धारा 88 के तहत 2 सप्ताह में पीएमएलए कोर्ट में बांड दाखिल करे। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और ऋषभ कुमार ने पैरवी की।
इडी ने इन पर अवैध तरीके से की गयी कमाई को मनी लांड्रिंग करने के आरोप में केस दर्ज किया है। इडी ने पीएमएल एक्ट के सुसंगत धाराओं के तहत आशुतोष कुमार, उनकी पत्नी चयनिका कुमारी और रिश्तेदार केशव वत्स को मामले में आरोपी बनाया है। इडी ने सीबीआइ के दर्ज केस के अनुसंधान में आशुतोष कुमार और अन्य पर मनी लांड्रिंग करने का आरोप पाया है।
सीबीआइ में भी मामला
इन तीनों आरोपियों पर आय से अधिक 1.96 करोड़ रुपये संपत्ति अर्जित करने के मामले में रांची स्थित सीबीआइ कोर्ट में चल रहा है। बता दें कि सीबीआइ ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप आशुतोष कुमार के खिलाफ 30 सितंबर 2016 को प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के बाद सीबीआइ ने जनवरी 2020 को उक्त तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआइ की चार्जशीट के अनुसार आशुतोष कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक अप्रैल 2007 से सात अक्टूबर 2016 के बीच आय से एक करोड़ 96 लाख 27 हजार 625 रुपये की अवैध कमाई की।