मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपस्थिति पोर्टल किया लांच
सभी को स्वास्थ्य संबंधी सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी चिकित्सकों, पारा कर्मी, संविदा पर कार्यरत कर्मी और अन्य कर्मियों की दैनिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उपस्थिति पोर्टल को लांच किया। इस पोर्टल के जरिये स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा दर्ज की जा रही बायोमीट्रिक उपस्थिति का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्यवासियों को सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में स्वास्थ्य उप केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा संसाधन, जांच सुविधा और दवाइयां की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर जांच और चिकित्सा सुविधा मिले, इसे स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों को 24 घंटे ऑपरेशनल बनाने के लिए समुचित कदम उठाये जायें। इसके तहत इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ सभी तरह की सर्जरी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मरीजों को किसी दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करने की नौबत नहीं आये। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों के ओपीडी में भी मरीज को विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श मिल सके, इस दिशा में भी पहल करें।

प्राथमिक स्वास्थ्य का जिला अस्पतालों से संपर्क सिस्टम बनायें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों का जिला अस्पतालों से 24 घंटे संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था बनायें। ताकि अगर कोई मरीज स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आता है और उसे बेहतर इलाज की जरूरत हो, तो उसे जिला अस्पताल तक लाने की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र से लेकर जिला अस्पताल में जो मानव संसाधन उपलब्ध हैं, उसकी शत-प्रतिशत उपयोगिता सुनिश्चित होनी चाहिए। अस्पतालों की जरूरत के हिसाब से मानव संसाधन उपलब्ध करायी जाये। अगर किसी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में चिकित्सा और चिकित्साकर्मियों की सेवा लेने की जरूरत हो तो उस दिशा में भी उचित कदम उठाये जाने चाहिए। लेकिन इसमें इस बात का ध्यान रखें कि जिस अस्पताल से चिकित्सकों की सेवा दूसरे अस्पताल में ली जा रही है, वहां की चिकित्सीय व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

मॉनिटरिंग की व्यवस्था होनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें मिलती हैं कि स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों में चिकित्सक ड्यूटी के दौरान भी उपलब्ध नहीं होते हैं। ऐसे में मरीज को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति की निगरानी की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों की तरह सरकारी अस्पतालों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम, सीसीटीवी और वाइ-फाइ की व्यवस्था और जिला, मुख्यालय स्तर पर इसकी निरंतर निगरानी की जानी चाहिए।

इनकी रही मौजूदगी
मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह मौजूद थे।

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