संगठनात्मक अनुभव के साथ राज्यसभा में झारखंड के मुद्दों को उठाने की भूमिका रही प्रमुख, अब राष्ट्रीय संगठन में भी निभायेंगे नयी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा को पार्टी का राष्ट्रीय मंत्री नियुक्त किया है। प्रदेश संगठन में लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने और राज्यसभा में झारखंड से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने के बाद उन्हें राष्ट्रीय संगठन में नयी जिम्मेदारी मिली है। संगठनात्मक अनुभव के साथ संसद में उनकी सक्रियता को भी इस जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रदेश संगठन में निभायीं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने झारखंड भाजपा संगठन में प्रदेश महामंत्री समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। संगठन पर्व के दौरान प्रदेश चुनाव अधिकारी के रूप में उन्होंने सदस्यता अभियान से लेकर बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर की संगठनात्मक निर्वाचन प्रक्रिया में भूमिका निभायी। जनवरी 2026 में भी उन्होंने सांगठनिक जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कराने के साथ प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के निर्वाचन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभायी।
राज्यसभा में झारखंड से जुड़े मुद्दों को दी प्राथमिकता
वर्ष 2024 में भाजपा ने उन्हें झारखंड से राज्यसभा भेजा। सांसद बनने के बाद उन्होंने झारखंड की विकास जरूरतों से जुड़े कई मुद्दों को संसद में उठाया। उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 13 अगस्त 2026 तक उनकी राज्यसभा में उपस्थिति 88 प्रतिशत रही है। इस दौरान उन्होंने 97 संसदीय चर्चाओं एवं कार्यवाहियों में भाग लिया और 158 प्रश्न पूछे। मानसून सत्र 2026 में उनकी उपस्थिति 100 प्रतिशत रही।
सीआइपी रांची को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने की पहल
डॉ वर्मा ने हाल ही में रांची स्थित केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ साइकियाट्री-सीआइपी) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने का विषय राज्यसभा में उठाया। 31 जुलाई 2026 को उन्होंने संसद में सीआइपी रांची के मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में योगदान का उल्लेख करते हुए इसे ‘इंस्टीट्यूशन आॅफ नेशनल इंपॉर्टेंस’ का दर्जा देने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया। वर्ष 1918 में स्थापित सीआइपी रांची देश के पुराने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है।
कोल्हान की रेल कनेक्टिविटी का मुद्दा भी उठाया
पश्चिमी सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र को राजधानी रांची से बेहतर रेल संपर्क देने की मांग भी डॉ वर्मा ने संसद में रखी है। 8 अगस्त 2024 को विशेष उल्लेख के माध्यम से उन्होंने बड़बिल से चाईबासा होते हुए रांची तक रेल सेवा शुरू करने की मांग की थी। उन्होंने गुवा, बड़बिल, नोवामुंडी, डोंगवापोशी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी जरूरतों को सदन के सामने रखा। उन्होंने बड़बिल-चाईबासा-रांची के बीच फास्ट मेमू सेवा शुरू करने का सुझाव भी दिया।
खनन और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी फोकस
झारखंड की खनिज संपदा को देखते हुए डॉ वर्मा ने खनन क्षेत्र से जुड़े कई सवाल संसद में पूछे हैं। इनमें भूमिगत कोयला खनन, क्रिटिकल मिनरल्स, नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन और आधुनिक तकनीक के जरिये वन, खनन एवं भूमि उपयोग की निगरानी जैसे विषय शामिल हैं। वर्तमान में वे संसद की कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी हैं।
जल संरक्षण और पेयजल का मुद्दा
झारखंड में भूजल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और सुरक्षित पेयजल से जुड़े विषय भी उनकी संसदीय प्राथमिकताओं में रहे हैं। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता, जल गुणवत्ता की निगरानी और भूजल संरक्षण से जुड़े कार्यों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं।
रांची एयरपोर्ट और हवाई संपर्क पर भी सवाल
झारखंड के हवाई संपर्क को बेहतर बनाने को लेकर भी डॉ वर्मा ने संसद में मुद्दे उठाये हैं। रांची एयरपोर्ट के विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार और राज्य में हेलीपोर्ट के विकास से जुड़े सवाल उन्होंने सदन में रखे। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे
राज्यसभा में उनकी प्राथमिकताओं में कृषि और ग्रामीण विकास भी शामिल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि एवं बीज योजनाओं, ग्रामीण विकास, महिला एवं मातृ कल्याण, उद्यमिता और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग एवं डाक सेवाओं से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे हैं। इन मुद्दों के जरिये झारखंड में केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों तक उनके लाभ पहुंचने की स्थिति को संसद में उठाया गया।
एम्स देवघर और कांस्टिट्यूशन क्लब आॅफ इंडिया में भी जिम्मेदारी
डॉ प्रदीप कुमार वर्मा एम्स देवघर की इंस्टिट्यूट बॉडी के सदस्य हैं। इसके अलावा वे कांस्टिट्यूशन क्लब आॅफ इंडिया की गवर्निंग काउंसिल में कार्यकारी सदस्य की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। इन संस्थागत जिम्मेदारियों के साथ अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में राष्ट्रीय मंत्री के रूप में उनकी भूमिका और बढ़ गयी है।
संगठन से संसद और अब राष्ट्रीय संगठन तक
डॉ प्रदीप कुमार वर्मा की नयी जिम्मेदारी को प्रदेश संगठन से राष्ट्रीय संगठन तक उनकी राजनीतिक एवं संगठनात्मक भूमिका के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश भाजपा में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद राज्यसभा सांसद के रूप में झारखंड से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाना और अब राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक सफर का नया चरण है। राष्ट्रीय मंत्री के रूप में उनके सामने पार्टी की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी। झारखंड से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का उनका अनुभव इस नयी भूमिका में भी उपयोगी माना जा रहा है।
डॉ प्रदीप वर्मा के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
2024 से झारखंड से राज्यसभा सांसद
राज्यसभा में 88% उपस्थिति
158 सवाल और 97 संसदीय चर्चाओं में भागीदारी
मानसून सत्र 2026 में 100% उपस्थिति
सीआइपी रांची को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने की पहल
बड़बिल-चाईबासा-रांची रेल सेवा की मांग
खनन और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े मुद्दे संसद में उठाये
जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल पर सवाल
रांची एयरपोर्ट और हवाई संपर्क से जुड़े मुद्दे
किसान, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
एम्स देवघर की इंस्टिट्यूट बॉडी के सदस्य
कांस्टिट्यूशन क्लब आॅफ इंडिया की गवर्निंग काउंसिल में कार्यकारी सदस्य
प्रदेश संगठन के अनुभव के बाद राष्ट्रीय संगठन में नयी जिम्मेदारी



