संयुक्त राष्ट्र संघ के पचास से ज्यादा सदस्य देशों ने गुरूवार को परमाणु हथियारों को प्रतिबंधित करने के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए. दुनिया के परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने इस संधि को भले ही खारिज कर दिया हो लेकिन इसके समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है.
परमाणु हथियारों को नष्ट करने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय अभियान के कार्यकारी निदेशक बेट्राइस फिन ने हस्ताक्षर समारोह के शुरू होने पर कहा, “आप वो राष्ट्र हैं जो दुनिया को नैतिक नेतृत्व का रास्ता दिखा रहे हैं. विश्व को आज ऐसे ही नैतिक नेतृत्व की जरूरत है.” दिन समाप्त होने से पहले इंडोनेशिया और आयरलैंड समेत 50 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए. अन्य देश अगर चाहें तो बाद में इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.
गुयाना, थाईलैंड और वेटिकन ने पहले ही इस संधि को औपचारिक मंजूरी दे दी है. इस संधि को समर्थन करने वाले देशों में लागू करने के लिए 50 औपचारिक मंजूरियों की जरूरत है.
इस संधि के लागू होने पर इन देशों में “किसी भी परिस्थिति में” परमाणु हथियारों को विकसित करने, परीक्षण करने, निर्माण करने, उन्हें हासिल करने, अपने पास रखने या संचय करने पर रोक रहेगी.
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