दुमका। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सुप्रीमो सह सांसद शिबू सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार 6500 स्कूलों को बंद कर गांव में रहने वाले बच्चों को अनपढ़ और मूर्ख बनाए रखना चाहती है। सरकार की मंशा है कि लोग जानवर की तरह जीएं और मजदूरी कर अपना परिवार चलाएं। इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करना होगा। उन्होंने कहा कि अब सोचना विचारना नहीं है।
कहा- आंदोलन का दूसरा रास्ता नहीं बचा
आंदोलन करना है, तभी सरकार को पता चलेगा कि जनता को क्या तकलीफ़ है। उन्होंने दो टूक कहा कि आंदोलन में सरकारी संपत्ति को जो नुकसान पहुंचेगा, उसकी चिंता नहीं करें। क्योंकि अब हमारे पास आंदोलन के अलावा अपने दुख और समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने का दूसरा कोई जरिया नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार के विरूद्ध आंदोलन किया जाएगा तभी सरकार को जनता की तकलीफ और ताकत पता चल पाएगी। वे दुमका के जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत जमुआ गांव में सभा को संबोधित कर रहे थे।
राज्य की जनता दुख और तकलीफों में जी रही
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता दुख और तकलीफों में जी रही है। इसे दूर करने की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। अब आंदोलन के जरिए ही बताना होगा कि जनता किस हाल में है। सोरेन ने कहा कि गांव के लोग भी तरक्की चाहते हैं, तो अपने बेटे-बेटियों को शिक्षित बनाएं। उन्होंने कहा कि झामुमो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो यहां के आदिवासी, गरीब पिछड़ों व दबे-कुचलों का विकास कर सकती है।