धनबाद। झाविमो नेता बंधु तिर्की की गिरफ्तारी का असर दिखने लगा है। कल तक जो बाबूलाल मरांडी गठबंधन से किनारा कर रहे थे, वह आज झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन से मिलने पहुंच गये। दोनों नेताओं की मुलाकात धनबाद परिसदन में हुई, जहां दोनों ने बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक बातचीत की। मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी के सुर भी बदले हुए थे। उन्होंने कहा कि बातचीत हुई है। सारे मामले सुलझ जायेंगे। 25 सितंबर को पार्टी का जनादेश सम्मेलन संपन्न होने के बाद सीट शेयरिंग पर भी बात हो जायेगी। वहीं, हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से कहा कि विधानसभा चुनाव झामुमो के नेतृत्व में ही लड़ा जायेगा। यही समझौता हुआ था कि लोकसभा में कांग्रेस और विधानसभा में झामुमो नेतृत्व करेगा। कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति ठीक होते ही दूर हो जायेंगे सारे पेंच: बता दें कि झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी धनबाद कोर्ट में एक मामले में पेश होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह सम्मेलन को लेकर राज्य में भ्रमण कर कर रहे हैं।
हेमंत सोरेन ने कहा कि फिलहाल वह बदलाव यात्रा पर निकले हुए हैं। इसके समापन के बाद महागठबंधन और सीट शेयरिंग पर रणनीति तय की जायेगी। कांग्रेस को लेकर हेमंत सोरेन ने कहा कि उस पार्टी में कुछ अंदरूनी मसला है, उम्मीद जल्द ही उनके सारे मसले सुलझ जायेंगे। इसके बाद महागठबंधन का पेंच भी खत्म हो जायेगा।
बंधु तिर्की की गिरफ्तारी को लेकर दोनों नेताओं ने साधा निशाना
दोनों नेताओं ने बंधु तिर्की की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। हेमंत ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी गलत तरीके से बिना वारंट के हुई है। बाबूलाल मरांडी ने बंधु तिर्की पर कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष को दबाना चाहती है। बंधु तिर्की कोई चोर या भगोड़ा नही थे। सभी दलों को मिलकर इससे निपटने की कोशिश करनी होगी।
बाबूलाल और हेमंत के बीच बंद कमरे में हुई गुफ्तगू
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