बच्चा चोरी की अफवाह में हिंसक हो रही भीड़
रांची। झारखंड में भीड़ की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को रामगढ़ में बच्चा चोरी के आरोप में एक युवक की पीटकर हत्या किये जाने का नया मामला सामने आया। उसे भीड़ ने इतना पीटा कि रिम्स में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। वहीं बुधवार को ही धनबाद में भीड़ ने एक महिला की बेदर्दी से पिटाई कर दी। उधर, गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र में एक महिला को भीड़ ने इतना पीटा कि उसका बच्चा कुएं में गिर गया और उसकी मौत हो गयी। देखा जाये, तो पिछले कुछ दिनों से ये घटनाएं झारखंड में तेजी से बढ़ी हैं। हर दिन एक-दो घटनाएं घट रही हैं। स्थिति यह है कि किसी भी गांव-बस्ती में नये लोगों का प्रवेश तक मुश्किल हो गया है। इससे अब इस आशंका को बल मिल रहा है कि कहीं यह कोई गहरी साजिश तो नहीं। इसके साजिशकर्ता नक्सली भी हो सकते हैं, देश तोड़क शक्तियां भी हो सकती हैं या आतंकी भी। सरकार और प्रशासन की सतर्कता के कारण कोई भी साजिशकर्ता अपनी नापाक हरकतों को खुलेआम अंजाम नहीं दे पा रहा। खुलेआम विस्फोट नहीं कर सकते, गोलीबारी नहीं कर सकते, या सामने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा सकते। ऐसे में इस तरह की घृणित साजिश का रास्ता ही उनके पास बचता है। दूरदराज के गांवों में भोलेभाले ग्रामीणों को भड़काना उनके लिए काफी आसान है। ऐसी शक्तियां छिटपुट और गोपनीय तरीके से लोगों को भड़का रही हैं और भीड़ के हाथों निर्दोषों की हत्या करा रही हैं। यही वजह है कि भीड़ हिंसा की वारदातों के बाद अब बच्चा चोरी की अफवाह जानलेवा साबित हो रही है। राज्य में बीते एक महीने में एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। भीड़ ने बच्चा चोरी के आरोप में महिलाओं, बुजुर्ग और विक्षिप्तों की पिटाई की है।
पुलिसिया तंत्र फेल: बच्चा चोरी की अफवाह के मामले में कार्रवाई करने में झारखंड पुलिस नाकाम साबित हो रही है। पहले भी बच्चा चोरी की अफवाह में सरायकेला में चार, जमशेदपुर में पांच की हत्या हो चुकी है, लेकिन पुलिस इन मामलों में भी दोषियों को सजा दिलाने में नाकाम रही है। पुलिस सिर्फ गाइडलाइंस के भरोसे बैठी है और लकीर पीट रही है। पुलिस ने सोशल मीडिया के एडमिन और ग्रुप सदस्यों से निवेदन किया है कि वह बच्चा चोरी संबंधी अफवाह पोस्ट नहीं करें। बच्चा चोरी की अफवाह या वारदात सामने आने पर तत्काल इसकी सूचना स्थानीय थानेदार को दें। आमलोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है। बच्चा चोरी की अफवाह आने पर तत्काल इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम या डायल 100 को देने का निवेदन पुलिस कर रही है।
दोषियों को कड़ी सजा भी नहीं दिला पाती पुलिस : झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह में सरायकेला के राजनगर में मई 2017 में महिला समेत चार की हत्या हुई थी। इस मामले में झारखंड पुलिस 12 लोगों को महज चार साल की ही सजा दिला पायी थी। बागबेड़ा में भी तीन लोगों की बच्चा चोरी की अफवाह में हत्या हुई थी। जादूगोड़ा में बच्चा चोरी की अफवाह में दो लोगों की हत्या हुई थी, लेकिन इन बड़े मामलों में पुलिस अब तक दोषियों को सजा नहीं दिला पायी है।
पिछले 10 दिनों में घटी घटनाएं
>>26 अगस्त को जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित चांदनी चौक पर बच्चा चोर समझ कर एक व्यक्ति की पिटाई।
>>26 अगस्त को ही गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनियाडीह में बच्चा चोरी के आरोप में महिला की पिटाई।
>>25 अगस्त को हजारीबाग के दारू में बच्चा चोरी की अफवाह में महिला की पिटाई। वहीं भगदड़ में शुभम नाम के युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गयी।
>>25 अगस्त को ही रामगढ़ के चितरपुर में विक्षिप्त महिला की पिटाई। वहीं हजारीबाग के दारू प्रखंड में महेशरा गांव में वृद्ध महिला को भी पीटा।
>>25 अगस्त को ही पलामू के बड़हवाखांड में विक्षिप्त युवक की पिटाई।
>>22 अगस्त को हजारीबाग के सिलवार में महिला की बच्चा चोरी के अफवाह में पिटाई।
>>28 अगस्त को लातेहार में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या। बच्चा चोरी के अफवाह में पिटाई।
>>2 सितंबर को लोहरदगा में एक शख्स की पीट-पीट कर हत्या। तंत्र मंत्र के नाम पर भीड़ ने मार डाला।
>>2 सितंबर को ही गिरिडीह के सरिया में एक महिला की भीड़ ने पिटाई की और उसकी गोद के बच्चे को कुएं में फेंक दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गयी।
>>3 सितंबर को धनबाद में बच्चा चोरी की अफवाह में दो महिलाओं की पिटाई।
>>4 सितंबर को रामगढ़ में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या।
>>4 सितंबर को ही धनबाद में एक महिला की भीड़ ने पिटाई कर दी।