दुमका/शिकारीपाड़ा/ मारसडगा/पाकुड़/महेशपुर। सीएनटी और एसपीटी एक्ट का सबसे ज्यादा उल्लंघन झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया। गरीब और भोले-भाले आदिवासियों की जमीन को सस्ते में खरीद ली। कई शहरों में सोरेन परिवार की जमीन है। झामुमो द्वारा भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है कि वह आपकी जमीन छीन लेगी। सच्चाई यह है कि पांच सालों में भाजपा सरकार ने किसी भी आदिवासी की जमीन नहीं ली। आप ऐसे लोगों से दूर रहें और गुमराह करने वालों को फिर से चुनाव में सबक सिखायें। संथाल से झामुमो का नामो-निशान मिटा दें, क्योंकि झामुमो मतलब झारखंड मुद्रा मोचन पार्टी। ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दूसरे दिन शिकारीपाड़ी, पाकुड़ और महेशपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि जनता मालिक है और वह सेवक हैं। इस यात्रा में सेवक अपने मालिक को अपने काम का हिसाब देने आया है।
खुशहाली की राह पर है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार 2014 में बनी। इसके बाद राज्य में विकास के कार्य प्रारंभ हुए। अब झारखंड खुशहाल और समृद्ध राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
कौशल विकास कर बना रहे हुनरमंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोत्पाद से जुड़े बांस और अन्य उद्योगों के विकास के लिए कई कदम उठाये गये हैं। गांव की महिलाओं और युवाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। सरकार जल्द बांस कारीगरों को प्रशिक्षण के लिए वियतनाम भेजेगी। संथाल की बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में राज्य के हर घर के कम से कम एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
नक्सलवाद अब गिन रहा अंतिम सांसें
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 सालों तक कई सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने भी नक्सली समस्या का समाधान नहीं ढूंढ़ा। लेकिन 2014 में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खात्मे का प्रण लिया गया और राज्य सरकार इस प्रण को पूरा करने के बेहद करीब है। अब नक्सली मारे जा रहे हैं या आत्मसमर्पण कर रहे हैं। नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है।
2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार किसानों को कर्ज लेना वाला नहीं, बल्कि कर्ज देने वाला बनाना चाहती है। किसानों की आर्थिक समृद्धि सरकार का लक्ष्य है। किसानों के लिए मोदी सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये हर वर्ष दे रही है। किसानों को पहली किस्त मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री किसान आशीर्वाद योजना के तहत एक से पांच एकड़ भूमि वाले किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये दे रही है। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों को हर वर्ष न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये मिलेंगे।

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