26 को मशाल जुलूस 29 को जिला मुख्यालयों पर और राजभवन के समक्ष विशाल धरना

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। केंद्र सरकार द्वारा तीन नये किसान कानून के खिलाफ आंदोलनरत किसान संघर्ष मोर्चा पिछले नौ महीने से दिल्ली बॉर्डर पर धरना पर है। किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इस बंद को झारखंड प्रदेश में भी सफल बनाने के उद्देश्य से गैर भाजपा दलों ने समर्थन किया है। इस विषय पर सोमवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस भवन में गैर भाजपा दलों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय, सीपीआइ के राज्य सचिव भूनेश्वर मेहता, राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के फिलमोन टोप्पो, मासस के सुशांतो मुखर्जी, सीपीआइएमएल से जनार्दन प्रसाद, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि बंद के समर्थन में सभी दलों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। इसके पूर्व संध्या 26 सितंबर को संयुक्त रूप से मशाल जुलूस निकाला जायेगा। इसके बाद 29 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे। रांची में राजभवन के समक्ष विशाल धरना आहूत की जायेंगी।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 19 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ 20 अगस्त को वर्चुअल बैठक की थी। इसमें केंद्र सरकार द्वारा पेगासस सैन्य निगरानी स्पाईवेयर का अवैध उपयोग, किसान विरोधी कानून कोविड-19 महामारी का घोर कुप्रबंधन और इसे महामारी नहीं मानना, बढ़ती मुद्रास्फीति एवं मंहगाई के साथ-साथ बढ़ती बेरोजगारी जैसे विषयों पर चर्चा नहीं कर केंद्र सरकार तानाशाह की रवैया अख़्तियार किया है। इसके खिलाफ संयुक्त रूप से देशभर में जन जागरण चलाकर  आंदोलन  का निर्णय लिया गया है। श्री ठाकुर ने कहा कि इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुये झारखंड में संयुक्त रूप से आंदोलन चलाया जायेगा। मौके पर अमुल्य नीरज खलखो, प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, सतीश पॉल मुंजनी, आभा सिन्हा, राकेश किरण महतो, सीपीआइ से अजय सिंह, टीएमसी से संजय कुमार पांडेय, दयानंद प्रसाद मौजूद थे।

गैर भाजपा दलों के लोग व्यापक आंदोलन करेंगे : विनोद पांडेय 
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि संसद में विपक्ष के विरोध को दबाने के लिए जिस तरह मार्शलों द्वारा महिला सांसदों सहित सांसदों को घायल कर दिया गया। विपक्ष को देश और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के उनके अधिकार से वंचित किया गया। केंद्र सरकार के घोर कुप्रबंधन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि मंदी के साथ युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेल रहा है। इन तमाम मुद्दों पर गैर भाजपा दलों द्वारा व्यापक आंदोलन की जायेगी।

देश के ज्वलंत मुद्दों को जनता के बीच ले जायेंगे : भुनेश्वर महतो 
सीपीआइ के राज्य सचिव भूनेश्वर मेहता ने कहा कि संसद में सरकार देश के ज्वलंत मुद्दों पर न तो चर्चा करती है और न ही सरकार के पास जीवन और अजीविका सुरक्षित करने का कोई समाधान है। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है। इसपर केंद्र सरकार नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल है। तीनों किसान के कला कानून पर कोई बात नहीं करना चाहती है। इन मुद्दों को लेकर हम लोग संयुक्त रूप से जनता के बीच जायेंगे। इसके लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार किया गया है।

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