रांची। राजधानी रांची के मेन रोड में 10 जून को हुए उप् में सीआइडी ने शनिवार देर रात कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें 11 लोगों को नामजद बनाया गया है। उनके नाम हैं मोहम्मद अमजद, इरफान जुवेर, आलम उर्फ इरफान अंसारी, मोहम्मद माज, अरमान हुसैन, सरफराज आलम, शहबाज, अफसर आलम, रमजान अली । इनके अलावा तीन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। चार्जशीट में मुद्दसिर उर्फ कैफी और मोहम्मद साहिल के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि उपद्रव के दौरान पुलिस की गोली लगने से इन दोनों की मौत हो गयी थी। बता दें कि जुमे की नमाज के बाद एकरा मसजिद के पास लगभग दस हजार लोग जमा हो गये थे और वहां से उन लोगों ने मेन रोड के लिए जुलूस निकाला। कुछ दूर आगे जाने के बाद भीड़ हिंचक हो गयी और जहां तहां पत्थरबाजी करने लगे। भीड़ ने मेन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर भी धावा बोला था। चर्च रोड स्थिति काली मंदिर के पास दुकानदारों की दुकानों में तोड़फोड़ की गयी थी। एक दर्जन से अधिक गाड़ियों को निशाना बनाया गया था। भीड़ ने संगठित तरीके से पुलिस बल को निशाना बनाया। उससे बचने के लिए पुलिस ने गोली चलायी थी।

सभी आरोपियों पर साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से बवाल मचाने, दंगा भड़काने की कोशिश करने, शहर को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का प्रयास करने और उपद्रव से रोकने पहुंचे पुलिस अफसरों पर जानलेवा हमला करने के आरोपों की पुष्टि हुई है। सीआइडी ने चार्जशीट में लिखा है कि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। चार्जशीट मेंउपद्रव भड़काने में यूपी और बिहार कनेक्शन भी सामने आया है।

यूपी के गाजीपुर और पटना से आए तीन-तीन लोगों ने भीड़ को उपद्रव के लिए उकसाया। खूंटी के उपद्रवियों की भी पुलिस को जानकारी मिली है। अब तक यूपी-बिहार के साजिशकर्ता पकड़े नहीं जा सके हैं। वहीं खूंटी के उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। घटना के कुछ दिन पहले से इसकी तैयारी चल रही थी। उपद्रवियों ने कई छतों पर सुनियोजित तरीके से ईंट-पत्थर जुटाकर रखे थे। उपद्रवी बोरे में भर कर पत्थर ले गये थे, जिसकी पुष्टि हो चुकी है। गौरतलब है कि 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर करनी होती है। इसलिए 89वें दिन शनिवार को आनन-फानन में चार्जशीट दायर की गयी।

दो युवकों कीहुई थी मौत, एक पुलिसकर्मीको लगी थी गोली
नुपूर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में 10 जून को रांची के मेन रोड में जुलूस निकाला गया था। इस दौरान उपद्रव हुआ। पत्थर चले, फायरिंग हुई। जुलूस में शामिल दो युवकों की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे, जिनका रिम्स में इलाज कराया गया था। इस पूरे प्रकरण में रांची के डेली मार्केट थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी थी, जिसे सरकार के निर्देश पर जांच के लिए सीआइडी को सौंपा गया था। सीआइडी के डीएसपी महेंद्र सिंह  मुंडा जांच अधिकारी बनाये गये थे।

 

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version