दुमका की पीड़िता अंकिता सिंह की बड़ी बहन ने नौकरी का दिया गया नियुक्ति पत्र वापस कर दिया है. जानकारी के मुताबिक पीड़िता के परिजनों को उम्मीद थी कि उन्हें मुआवजा के रूप में सरकारी नौकरी दी जाएगी पर ऐसा हुआ नहीं. दुमका विधायक ने 11 सितम्बर को जो लेटर थमाया था, वह प्राइवेट नौकरी का था, वह भी कांट्रेक्ट पर. इससे नाराज बहन ने इस लेटर के आधार पर नौकरी से इंकार कर दिया है.

आपको बता दें कि पिछले दिनों दुमका में सोते समय एक सिरफिरे युवक द्वारा जला कर एक नाबालिग लड़की को जला कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इसके बाद राज्यभर में इसे लेकर बवाल मचा था. फिर 11 सितम्बर को दुमका विधायक बसंत सोरेन ने जरूवाडीह की उस पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की थी. पीड़िता की बड़ी बहन को एक नियुक्ति पत्र दिया था. उम्मीद जताई थी कि इससे परिजनों का दुख कम करने में मदद मिलेगी. इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे.

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