रांची। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाइकोर्ट में दाखिल अवमानना वाद पर आंशिक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान निशिकांत के अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने बहस की। उन्होंने कोर्ट में कहा कि एयरपोर्ट का पूरी तरह से संचालन अब तक शुरू नहीं किया गया है। राज्य सरकार कई कार्यों में देर कर रही है। इसके साथ ही नाइट लैंडिंग भी शुरू नहीं की गयी है और न ही एयरपोर्ट के आस-पास की ऊंची बिंल्डिंग को तोडा गया है। वहीं सरकार की ओर से यह बताया गया कि काफी काम अंतिम चरण में है। सोमवार को हुई आंशिक सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की तारीख मुकर्रर की है। सरकार की ओर से इस मामले में शोकॉज का जवाब भी दाखिल कर दिया गया है। बता दें कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने हाइकोर्ट में अवमानना वाद दाखिल किया है। इसमें उन्होंने देवघर एयरपोर्ट को जल्द शुरू करने की मांग की है। याचिका में उन्होंने कहा है कि झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 के एक पीआइएल की सुनवाई के दौरान तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दिये गये हलफनामे को देखते हुए याचिका निष्पादित की थी। लेकिन हाइकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी देवघर एयरपोर्ट पर अब तक उड़ानें शुरू नहीं हुई हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ उड़ान कंपनियां वहां से अपनी सेवा शुरू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं, लेकिन एयरपोर्ट फंक्शनल नहीं होने के कारण यहां से उड़ानें शुरू नहीं की जा रही हैं, जिससे संथाल के लोगों को विमान सेवा का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।