रांची। सदर अस्पताल के गाइनिकोलॉजी विभाग में बुधवार को जम कर हंगामा हुआ। हंगामा पिठोरिया से आयी महिला ने किया। इसके बाद अस्पताल परिसर में कुछ वक्त के लिए अफरातफरी मच गयी। मिली जानकारी के मुताबिक फरहाद जबी नाम की महिला अपनी स्वास्थ्य के जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंची थी। उसके साथ जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया गया था।
डॉक्टर ने अभद्रता की
महिला ने बताया कि मैं पिठोरिया से इल्कराने आयी हूं। मैं अपनी समस्या बता रही थी, जिस पर ड्यूटी में तैनात डॉक्टर झल्ला गयी। नर्स और डॉक्टर ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए अभद्रता की। उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय से होने के कारण हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया है। वहीं महिला के पति तैयब आलम ने कहा कि उसकी पत्नी अपनी पीड़ा बता रही थी। यहां इलाज के बजाय हम लोगों के साथ अभद्रता की गयी। इससे मन विचलित है।
अपने पति के साथ धरने पर बैठी महिला
वहीं घटना के बाद सदर अस्पताल के नये भवन के मुख्य द्वार पर फरहाद जबी अपने पति तैयब आलम और 6 महीने की बच्ची के साथ धरने पर बैठ गयी। हालांकि कुछ वक्त के बाद हधरने पर से उठ गयी। इसी बीच समाज के कुछ लोग सदर अस्पताल पहुंच कर हंगामा करने लगे।
डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा की ठप
वहीं इस मामले पर सिविल सर्जन रांची डॉ विनोद कुमार ने कहा कि मैं इस घटना की निंदा करता हूं। आरोप लगाने वाले मरीज को लिखित में शिकायत करने के लिए कहा गया है। जांच के उपरांत नियम संगत कार्रवाई करेंगे। डॉ विनोद ने कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट की जायेगी, ऐसे में वे अपना बचाव करेंगे। इसी को देखते हुए फिलहाल ओपीडी सेवा को बंद कर दिया गया है, जिस वजह से करीब 400 मरीज इलाज से वंचित रहे।