-पुलिस को मामले की जांच पूरा करने के लिए तीन सप्ताह का समय
आजाद सिपाही संवाददाता
कोलकाता। महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद एक्शन में आयी पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को विधानसभा से एक विधेयक पारित कराया, जिसमें दुष्कर्म के दोषियों को 10 दिन के भीतर मौत की सजा दिये जाने का प्रावधान है। विधेयक में दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए पुलिस को अधिकतम 21 दिन का समय दिये जाने का प्रावधान है। इस विधेयक का नाम अपराजिता वीमेन एंड चाइल्ड (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून और संशोधन) बिल 2024 है। सदन में मुख्य विपक्षी दल ने भी इस विधेयक का पूर्ण समर्थन किया। राज्य के कानून मंत्री मलय घटक ने इस विधेयक को पेश किया। दो घंटे की चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया। विधेयक को पारित कराने के लिए ही विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था।
यह ऐतिहासिक विधेयक है: ममता
विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म था। चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ऐतिहासिक विधेयक बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का इस्तीफा मांगा, जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू नहीं कर पाये हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य त्वरित जांच, त्वरित न्याय प्रदान करना और दोषी की सजा बढ़ाना है। कार्यवाही के दौरान भाजपा के विधायकों ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगते हुए नारे लगाये।
पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को आठ दिन की सीबीआइ हिरासत
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को सीबीआइ की विशेष अदालत ने आठ दिनों की हिरासत में भेज दिया है। सीबीआइ टीम मंगलवार को संदीप घोष को निजाम पैलेस स्थित सीबीआइ दफ्तर से निकल कर अलीपुर की विशेष सीबीआइ अदालत में ले गयी। वहां सीबीआइ ने अदालत से संदीप घोष की 10 दिनों की हिरासत की मांग की। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि संदीप से पूछताछ की जरूरत है।