70 करोड रुपए के कोल लिंकेज के हेराफेरी मामले में है आरोपी
रांची। हजारीबाग के कोयला कारोबारी मो इजहार अंसारी की जमानत याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया है। हाइ कोर्ट की एकल पीठ ने इजहार अंसारी की जमानत अर्जी मंजूर करते हुये उन्हें जमानत प्रदान कर दी। पूर्व में कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल, 16 जनवरी को इडी ने हजारीबाग स्थित उसके आवास एवं फैक्ट्री पर छापा मारा था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। 70 करोड रुपए के कोल लिंकेज के हेराफेरी मामले में इजहार अंसारी आरोपी है।निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार की पहल पर खान विभाग के अधिकारियों ने इजहार अंसारी की कंपनी को कोल लिंकेज देने की अनुशंसा की थी।
यहां यह भी बता दें कि इडी ने मनरेगा घोटाला को लेकर की गई छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार का मोबाइल जप्त किया था। इस मोबाइल फोन से मिले के तथ्य के आधार पर इडी ने इजहार अंसारी के घर पर मार्च 2023 में भी छापा मारा था ,उस दौरान उसके घर से 3.85 करोड़ जप्त किया गया था। इजहार पूजा सिंघल का करीबी में बताया जाता है। इजहार पर तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल के सहयोग से अवैध तरीके से रियायती दर पर फर्जी कंपनियों के नाम पर कोयला का आवंटन करा कर उसे ऊंची कीमत पर बाजार में बेचा जाता था । इस तरह करोड़ों रुपए की काली कमाई की जाती थी। इजहार ने कोयले के धंधे में पूजा सिंघल की मदद से अवैध कमाई की।