झारखंड सरकार डिजिटलाइजेशन को लेकर काफी गंभीरता से काम कर रही है. हर विभाग में इसे अभियान की तरह चलाया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों की नासमझी और तकनीकी ज्ञान नहीं होने के कारण सिस्टम धाराशायी हो रहा है.
हाल के दिनों में सभी विभागों में ऑनलाईन सिस्टम के ठीक से काम न कर पाने के कारण हर विभाग में लोगों के काम रुके हुए हैं. जिसके कारण बच्चों के जन्म, आवासीय व जाति प्रमाण पत्र से लेकर भवनों के निबंधन और नक्शा और कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
झारखंड में पहले से ही कमजोर नेटवर्किंग आईटी सेक्टर को बराबर झटका देते रहा है. जिसके कारण सिस्टम का गड़बड़ाना आवश्यक है. लिहाजा जब तक आईटी सेक्टर पूर्ण रूप से सशक्त न हो जाए तब तक सरकार को ऑफलाइन व्यवस्था को जारी रखना चाहिए ताकि सरकार को राजस्व का नुकसान न हो और आम लोगों को भी कम परेशानी हो.
सरकार के मंत्री भी इस विषय से वाकिफ हैं और इसके लिए वो अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप तो लगा रहे हैं. साथ ही वो भी इस बात के पक्षधर भी हैं कि सरकार को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन का विकल्प भी खुला रखना चाहिए.