रांची। झारखंड की राजधानी रांची में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद खतरनाक साजिश को बेनकाब किया है। मंगलवार की देर रात इन एजेंसियों ने रांची के दो ठिकानों पर छापामारी की और सात हजार सिम कार्ड के साथ सिम बॉक्स भी बरामद किया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस सिम बॉक्स की मदद से पूरे देश को दहलाने की साजिश रची जा रही थी। इतना ही नहीं, सेना की खुफिया सूचनाएं भी दूसरे देशों तक पहुंचायी जा रही थीं। मामले के आरोपियों का कनेक्शन पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अरब देशों से भी मिला है।
इस मामले में करीब दर्जन भर लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह छापामारी पुलिस की विशेष शाखा, एटीएस, साइबर थाना और रांची पुलिस की टीम ने की। रांची में सिम बॉक्स की बरामदगी पहली बार हुई है। अधिकारियों के मुताबिक इसके जरिये देश भर में मैसेज वायरल कर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की जा रही थी। इस सिम बॉक्स से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अरब देशों में बातचीत की जाती थी। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है, क्योंकि सिम बॉक्स के संचालकों की तलाश इंटरपोल भी कर रही थी। इसी सिम बॉक्स का इस्तेमाल चुनाव में भी गलत ढंग से किया जा सकता था।
मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत : सरयू राय
राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने रांची से देश में धार्मिक उन्माद और आतंक फैलाने की साजिश के खुलासे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है। ऐसे मामले में राज्य सरकार को और अधिक गंभीर होने की जरूरत है। मंत्री सरयू राय ने कहा है कि झारखंड में कई ऐसे स्थान हैं, जो आतंकियों की गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। ऐसे स्थानों पर भारत सरकार और राज्य सरकार के खुफिया विभाग की लगातार नजर रहनी चाहिए, तभी हम इन पर नियंत्रण पा सकते हैं।
क्या होता है सिम बॉक्स ः सिम बॉक्स से कॉल किया जा सकता है और बाइपास सिम बॉक्स के जरिये किसी भी कॉल को बाइपास किया जा सकता है। यही नहीं, इस उपकरण की मदद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय कॉल में बदला जा सकता है। इसके जरिये कॉल इंटरकनेक्ट प्रोवाइडर से होकर पब्लिक लैंड मोबाइल नेटवर्क के जरिये इंटरनेशनल गेटवे पर जाता है। फिर वहां से इंटरनेशनल कॉल को सिम बॉक्स की मदद से लोकल कॉल में बदल दिया जाता है। कॉल बदलने से लोकल कॉल का शुल्क लगता है। इस सिम बॉक्स से एक साथ 50 हजार लोगों को मैसेज भेजा जा सकता है।