गुमला। विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय लोन क्रेडिट कमेटी (डीएलसीसी) की बैठक हुई। बैठक में बैंकों द्वारा फसल ऋण, मनरेगा, कृषि ऋण, माइक्रो तथा मध्यम इंटरप्राइजेज, शिक्षा, हाउसिंग, नगदी जमा अनुपात, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, स्वरोजगार के लिए आरसेटी लोन, नयी बैंक शाखा और एटीएम की संख्या और जेएसएलपीएस के साथ कार्यों की समीक्षा की गयी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शशि रंजन ने भरनो प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना का वित्तीय वर्ष 2016-17 के लक्ष्य के विरुद्ध पिछले 10 दिनों में मात्र 10 का कार्य होने पर कड़ी फटकार लगायी। साथ ही बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी भरनो के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण करने को कहा। डीसी ने प्रखंड समन्वयक को 26 अक्टूबर तक लंबित भुगतान के लक्ष्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि पालकोट प्रखंड में तीन योजनाओं में जमीन विवाद के कारण भुगतान लंबित है। उपायुक्त ने गुमला प्रखंड आवास योजना में आ रही समस्या के निष्पादन के लिए नप निदेशक नयनतारा केरकेट्टा को क्षेत्र का भ्रमण कर समीक्षा करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने आवास योजना के कार्य में सिसई, भरनो, पालकोट और विशुनपुर प्रखंड में विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड समन्वयक को लक्ष्य निर्धारित कर जल्द से जल्द उसे पूरा करने का निर्देश दिया।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में आवास योजना के लक्ष्य की प्रथम किस्त का भुगतान कर तेजी से कार्य कराने और द्वितीय किस्त का भुगतान कर प्रतिवेदन देने का निर्देश प्रखंड समन्वयक को उन्होंने दिया। साथ ही एमआइएस इंट्री के कार्य में तेजी लाने व प्रतिवेदित करने को कहा। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक तीनों वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवास निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध शेष बचे सात हजार आवास निर्माण के लक्ष्य को दिसंबर तक पूर्ण कर लेने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड समन्वयकों को दिया। इसके अलावा पुराने इंदिरा आवास निर्माण के छह सौ के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने आकांक्षी जिले के संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को उत्कृष्ट गांव में स्वच्छ पेयजल, शिक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में उपायुक्त ने भुखमरी से किसी की मृत्यु न हो, इसके लिए झारखंड खाद्यान्न आकस्मिकता निधि खर्च करने को कहा। उन्होंने जरूरतमंदों को योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। साथ ही राशन कार्ड जमा करने संबंधी आवश्यक प्रचार-प्रसार करा कर जमा कराने को कहा और जमा नहीं करने वाले वयस्क लोगों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विलय होने के पश्चात खाली हुए स्कूल भवन का उपयोग अन्य योजनाओं के लिए करने को कहा। शौचालय निर्माण कार्य का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने और कार्य में तेजी लाने एवं प्रत्येक प्रखंड में सप्ताह में दो दिन शौचालय निर्माण के कार्य में योगदान देने का निर्देश दिया। जून में जिनको राशि आवंटित हो गयी है और कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वैसे पदाधिकारी कर्मी पर उपायुक्त ने कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही फोटो अपलोडिंग के कार्य 32 प्रतिशत होने की जानकारी मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर 50 प्रतिशत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पंचायत स्तर तक सरकारी या निजी क्षेत्र में अवैध तरीके से बालू के उठाव पर रोक लगाने एवं कहां ढुलाई हो रही है, सबकी जांच कर प्रतिवेदित करने का निर्देश जिला खनन पदाधिकारी को दिया। डीसी ने बताया कि आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत जिले के सभी सीएससी केंद्र में रजिस्टर है, एवं कहा कि लोगों को बतायें और योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक करें। समीक्षा बैठक में उपायुक्त के अलावा उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, डीआरडीए निदेशक मुस्तकीम अंसारी, नप निदेशक नयनतारा केरकेट्टा, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि सहित सभी बैंकों के प्रबंधक और अन्य प्रमुख रूप से मौजूद थे।
डीसी ने कहा, ससमय आरटीआइ का दें जवाब
गुमला। विकास भवन सभागार में उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में जिला और अंचल स्तरीय प्रधान लिपिकों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने सभी लिपिकों से रोकड़ पंजी की अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी ली। कुछ प्रखंडों में रोकड़ पंजी अद्यतन होने के पश्चात पदाधिकारी द्वारा सत्यापन नहीं किये जाने के मामले पर उन्होंने नाराजगी जतायी एवं जल्द से जल्द सत्यापन करा लेने को कहा।
उन्होंने रोकड़ पंजी के सत्यापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रधान लिपिकों को निर्देशित किया कि संबंधित पदाधिकारी से निश्चित रूप से पंजी का सत्यापन करायें। उन्होंने प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में रोकड़ पंजी का बैंक से मिलान नहीं होने के कारण आ रही समस्या के निष्पादन के लिए प्रत्येक माह मिलान करने का निर्देश दिया। डीसी ने पेंशन संबंधित लंबित मामलों का जल्द से निष्पादन करने एवं वर्तमान की पुरानी प्रक्रिया के तहत पेंशन प्रपत्र महालेखाकार को भेजे जाने के मामले पर आॅनलाइन इ-पेंशन के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उपायुक्त ने आरटीआइ, उच्च न्यायालय, मानवाधिकार से संबंधित मामलों को गंभीरता के साथ लेते हुए इसे ससमय निष्पादित करने का निर्देश बैठक में दिया। समीक्षा बैठक में उपायुक्त के अलावा उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप सहित जिला, प्रखंड और अंचल कार्यालयों के प्रधान लिपिक और अन्य मौजूद थे।