हैदराबाद। भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को हैदराबाद टेस्ट में 10 विकेट से हरा दिया। मेहमान टीम ने जीत के लिए 72 रनों का आसान लक्ष्य दिया था, जिसे टीम इंडिया (16.1 ओवर में 75/0) ने पृथ्वी साव (नाबाद 33) और लोकेश राहुल (नाबाद 33) की पारियों की बदौलत बिना कोई विकेट गंवाए पा लिया। पृथ्वी ने विजयी चौका लगाया।

इस तरह भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज में 2-0 की एकतरफ जीत दर्ज की। उसने राजकोट टेस्ट में विंडीज टीम को पारी और 272 रनों से हराया था। बता दें कि मेहमान टीम ने पहली पारी में 101.4 ओवरों में 311 रन बनाए थे, जवाब में टीम इंडिया ने पहली पारी में 106.4 ओवरों में सभी विकेट खोकर 367 रन बनाए थे। भारत ने पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम पर 56 रन की बढ़त हासिल की थी। विंडीज की दूसरी पारी महज 127 रनों पर सिमट गई थी।

वर्ल्ड रेकॉर्ड लगातार 10वीं सीरीज जीत
यह भारत की घरेलू मैदान पर लगातार 10वीं टेस्ट सीरीज जीत है। इसके साथ ही अपने घर में लगातार सबसे अधिक टेस्ट सीरीज जीतने का वर्ल्ड रेकॉर्ड संयुक्त रूप से भारतीय टीम के नाम हो गया है। उसने ऑस्ट्रेलिया के 10 सीरीज जीत के रेकॉर्ड की बराबरी की। दूसरी ओर, यह 8वां मौका है, जब भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में 10 विकेट से जीत दर्ज की, जबकि पहली बार वेस्टइंडीज को इतने बड़े अंतर से हराया है।

वेस्टइंडीज की दूसरी पारी: 127 रन पर सिमटी
इससे पहले तेज गेंदबाज उमेश यादव (45/4) और रविंद्र जडेजा (12/3) की घातक गेंदबाजी के बदौलत भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज की दूसरी पारी 127 रनों पर समेट दी। इस तरह मेजबान टीम को दूसरा और आखिरी टेस्ट जीतने के लिए 72 रनों का आसान लक्ष्य मिला। उमेश यादव और जडेजा के अलावा आर. अश्विन ने दो विकेट झटके, जबकि एक विकेट कुलदीप यादव के नाम रहा।

यू लौटे ओपनर
इससे पहले वेस्ट इंडीज की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसके दोनों ओपनर्स 6 रन जुड़ने तक पविलियन लौट चुके थे। कैरिबियाई टीम की दूसरी पारी के पहले ही ओवर में उमेश यादव ने क्रेग ब्रैथवेट (0) को ऋषभ पंत के हाथों कैच कराया। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने पारी के चौथे ही ओवर में दूसरे ओपनर कायरन पोवल (0) को पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया।
इसके बाद शाइ होप (28) और शिमरोन हेटमेयर (17) ने क्रीज पर अपने पांव जमाने की कोशिश जरूर की। लेकिन टीम का स्कोर 45 ही हुआ था कि कुलदीप यादव ने हेटमेयर को पुजारा के हाथों कैच करा दिया। इसी स्कोर पर रविंद्र जडेजा ने शाइ होप को रहाणे के हाथों कैच कराकर मेहमान टीम को दूसरा झटका दे दिया। अभी भी वेस्ट इंडीज की टीम भारत के पहली पारी के स्कोर के आधार पर अभी भी 11 रन पीछे थी।

कैरिबियाई टीम की पिछली पारी के हीरो रहे रोस्टन चेज (6) को उमेश यादव ने इस बार क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। उमेश ने चेज को बोल्ड कर इस पारी का अपना दूसरा शिकार बनाया। अपने अगले ही ओवर उमेश ने शेन डोवरिच (0) को बोल्ड कर अपने खाते में तीसरा विकेट डालते हुए वेस्ट इंडीज के छठे बल्लेबाज को पविलियन की राह दिखा दी।

जेसन होल्डर (19) ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्हें जडेजा ने पंत के हाथों कैच कराया। इसके बाद सुनील एम्ब्रिस (38) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिका। जोमेल वारिकन 7 और गैब्रियल 1 रन बनाकर आउट हुए। गैब्रियल के रूप में उमेश यादव का पारी का चौथा और मैच का 10वां विकेट रहा।

भारतीय पारी का रोमांच
इससे पहले तीसरे दिन भारत अपनी पहली पारी में 367 ऑलआउट हो गया। इस तरह उसने वेस्ट इंडीज (311) से पहली पारी के आधार पर 56 रनों की बढ़त हासिल की थी। भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 308 रनों से की थी, लेकिन उसने 16.1 ओवर और 25 रन के अंदर पांच विकेट गंवा दिये जिससे स्कोर 9 विकेट पर 339 रन हो गया। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन (83 गेंदों पर 35 रन) ने उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने चोटिल शार्दुल ठाकुर (नाबाद चार) के साथ अंतिम विकेट के लिए 28 रन जोड़े। वेस्टइंडीज के कप्तान होल्डर (23 ओवर में 56 रन देकर पांच विकेट) ने दूसरी नयी गेंद का अच्छा इस्तेमाल किया और अपने टेस्ट करियर में 5वीं बार पारी में 5 विकेट लिए।

80 रन बनाकर आउट हुए रहाणे
पिछले दो साल से खराब फॉर्म से जूझ रहे रहाणे दिन के आउट होने वाले पहले खिलाड़ी रहे। होल्डर की एक उछाल लेती गेंद रहाणे के बल्ले से लगती हुई गली में खड़े शाई होप्स के हाथों में गई। रहाणे गेंद को नीचे नहीं रख पाए और होप्स ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। रहाणे ने सात चौकों की मदद से 80 रन बनाए। होल्डर ने इसी ओवर में रविंद्र जडेजा को LBW कर दिया।

ऋषभ पंत शतक चूके
दूसरे छोर पर ऋषभ पंत धीरे-धीरे शतक की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे लेकिन शेनन ग्रैबियल की एक गेंद पर वह संयम खो बैठे और कवर्स में कैच दे बैठे। वह 92 रन ही बना पाए। राजकोट टेस्ट में भी वह 92 रन पर ही आउट हुए थे। इस तरह वह लगातार दो पारियों में 90s में आउट होने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। इससे पहले राहुल द्रविड़ 1997 में श्री लंका के खिलाफ 92 और 93 रनों पर आउट हुए थे। कुलदीप यादव और अश्विन ने मिलकर 8वें विकेट के लिए 12 रन जोड़े। होल्डर ने उनका ऑफ स्टंप उखाड़कर अपना पांचवां विकेट लिया। उन्होंने छह रन बनाए। उमेश यादव 2 रन बनाकर वेरिकन का शिकार बने। अश्विन आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। वह 35 रन बनाकर ग्रैबियल की गेंद पर बोल्ड हो गये।

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