नयी दिल्ली। भारत ने अमेरिका की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए शुक्रवार को रूस के साथ बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम डील फाइनल कर दी। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अगुआई में हुई दोनों देशों की द्विपक्षीय वार्ता में इस डील पर मुहर लगी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच स्पेस सहयोग समेत आठ बड़े समझौते हुए। पीएम मोदी और पुतिन ने साझा बयान में इन समझौतों का एलान किया। इस मौके पर मोदी ने भारत के साथ संबंधों में गर्माहट लाने के लिए रूसी राष्ट्रपति की जम कर तारीफ की। कहा कि बदलते युग में हमारे संबंध और ज्यादा प्रासंगिक हो गये हैं। वैश्विक मामलों पर हमारे सहयोग को मायने मिले हैं। आज के निर्णय हमारे संबंधों को ताकतवर बनायेंगे। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को दुनिया में सबसे एडवांस माना जाता है। भारत को इस पर तकरीबन पांच अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। भारत इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पांच रेजिमेंट्स की खरीद कर रहा है।
क्या है एस-400 : यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। एस-400 को रूस का सबसे एडवांस लांग रेंज सर्फेस-टू-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही एस-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है।
अमेरिका की धमकी नजरअंदाज कर भारत ने रूस से की एस-400 की डील
Previous Articleपूजा से पहले मिलेगा “60500 बोनस
Next Article अगले वर्ष से हर घर में चौबीस घंटे बिजली : रघुवर दास