चाईबासा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झामुमो के गढ़ कोल्हान में शुक्रवार को जमकर तीर चलाये। उन्होंने झामुमो और हेमंत सोरेन पर निशाना साधा। अपनी जोहार जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले सीएम ने शुक्रवार को चाईबासा के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं में कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा आदिवासियों का सबसे बड़ा शोषक है। आदिवासियों के हित का दावा करने वाली इस पार्टी ने आदिवासियों के साथ खिलवाड़ किया। इन्होंने आदिवासियों को सिर्फ गुमराह किया। सोरेन परिवार ने झारखंड में करोड़ों रुपये मूल्य की आदिवासियों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीद ली। आदिवासी मुख्यमंत्री ने जनजातीय भाषा का अपमान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ऐसे नेता के चरित्र को समझें। खासकर आदिवासी युवा यह जानें कि नेता प्रतिपक्ष ने जनजातीय भाषा का अपमान किया। 1 सितंबर, 2013 को हेमंत सोरेन की सरकार ने कैबिनेट के माध्यम से जेपीएससी से जनजातीय भाषा की मान्यता को समाप्त करवा दिया। युवाओं ने मुझसे मिलकर अपनी पीड़ा साझा की। तब जाकर हमारी सरकार ने नौ जनजातीय भाषा को यूपीएससी में शामिल करवाया, ताकि आपको आपका हक मिल सके। उन्होंने कहा कि झामुमो और खासकर सोरेन परिवार से सावधान रहने की जरूरत है। इस परिवार ने आदिवासियों को छला है। उनकी बदौलत अपनी झोली भरी है।
सिर्फ चुनाव के समय याद आते हैं आदिवासी
रघुवर ने कहा कि झामुमो के लोगों को सिर्फ चुनाव के समय आदिवासियों की याद आती है और चुनाव के बाद पूंजीपतियों की। इसका एक बड़ा उदाहरण है राज्य के बालू का ठेका मुंबई की बड़ी कंपनी को देना। लेकिन हमने बालू उठाव का पूरा हक ग्राम सभा को दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के चरित्र को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संथाल मुख्यमंत्री होते हुए भी संथाली भाषा के लिए इन्होंने कुछ नहीं किया। जबकि वर्तमान सरकार ने कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई ओल चिकी में सुनिश्चित की है। बच्चों को संथाली भाषा में शिक्षा देने के लिए शिक्षक की नियुक्ति नियुक्ति की जा रही है। जब तक नियुक्ति नहीं हो रही है, तब तक गांव के ही पढ़े लिखे युवक-युवतियों को अवसर दिया जा रहा है।
मिली-जुली सरकार से होता है नुकसान
रघुवर दास ने कहा कि याद करें वो दिन, जब एक निर्दलीय को मुख्यमंत्री बना कर मिली-जुली सरकार बनाकर चार हजार करोड़ का घोटाला किया गया। मिली- जुली सरकार से नुकसान होता है। आप सभी एक स्थिर और मजबूत सरकार का चयन करें, ताकि 2014 से चली विकास की यात्रा अनवरत चलती रहे। डबल इंजन सरकार का ही परिणाम है कि बिना किसी भेदभाव के सभी गरीबों को राज्य में आवास मिल रहा है, महिलाओं को धुआं से मुक्ति मिल रही है, महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है, राज्य के लोगों को स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है, किसानों को कृषि कार्य हेतु संसाधन जुटाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। ऐसी कई योजनाएं डबल इंजन सरकार की राज्य के गरीबों के सर्वांगीण विकास के लिए लागू की गयी हैं। कहा कि जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से मैं आपके बीच फिर से सरकार बनाने का अनुरोध करने आया हूं। आप डबल इंजन की सरकार बनायें, ताकि अभाव की जिंदगी, बेरोजगारी दूर की जा सके और झारखंड को एक स्वावलंबी राज्य बनाया जा सके।
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