पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने गुरुवार को साफ कर दिया कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य कन्हैया कुमार महागठबंधन के चुनावी अभियान में शरीक होंगे। इस घोषणा के बाद साफ हो गया है कि राजद नेता तेजस्वी यादव और कन्हैया कुमार एक मंच पर साथ दिख सकते हैं। बता दें कि लोकसभा चुनाव में राजद का भाकपा से गठबंधन नहीं हुआ था। बेगूसराय में कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद के उम्मीदवार भी मैदान में थे। पार्टी ने कहा कि वामदल, कांग्रेस और राजद के बीच आपसी एकता बन चुकी है। इस एकता में दरार डालने की कोशिश भाजपा, आरएसएस और अन्य सांप्रदायिक संगठन कर रहे हैं। एनडीए के इस षड्यंत्र का मजबूती से प्रतिकार करने की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि महागठबंधन के सभी घटक दल साथ हैं। एआइएसएफ समेत सभी छात्र संगठन भी महागठबंधन के पक्ष में हैं। उसका सभी वामदलों, कांग्रेस और राजद से पूर्ण तालमेल है। माले समेत महागठबंधन में शामिल किसी भी दल से कोई मनमुटाव नहीं है। इस संबंध में एनडीए दुष्प्रचार कर रहा है, जिसे जनता पहचान चुकी है। भाकपा ने कहा है कि पार्टी चुनाव में अपने सारे निर्णय महागठबंधन के संयुक्त भलाई को लेकर ही करती है। पार्टी मानती है कि उसकी लड़ाई सिर्फ भाजपा, एनडीए से है और वह जनता के लिए व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई लड़ रही है। यहां किसी भी नेता विशेष को अलग से प्रमुखता नहीं दी जा रही है और न उसका अलग से पोस्टर-बैनर बनाया जा रहा है। सहयोगी किसी भी दल के पोस्टर-बैनर से अन्य दलों को कोई परेशानी नहीं है।
माकपा ने अपनी चार सीटें घोषित की
दूसरी तरफ सीपीएम ने अपनी चार सीटों के उम्मीदवारों की अधिकृत सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कहा है कि राज्य कमिटी ने धर्मनिरपेक्ष मतों में बिखराव रोकने और भाजपा-जदयू के जनतंत्र विरोधी गठबंधन को पराजित करने के लिए राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ सीटों के तालमेल के आधार पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी ने समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र से अजय कुमार, सारण के मांझी से सत्येंद्र यादव, बेगूसराय के मटिहानी से राजेंद्र प्रसाद सिंह और पूर्वी चंपारण के पीपरा से राजमंगल प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है।

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