अजय शर्मा
दुमका (आजाद सिपाही)। झारखंड के आदिवासियों के हित में बड़े फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि राज्य सरकार सरना कोड को लागू करने की सिफारिश केंद्र सरकार से करेगी। इसके लिए राज्य स्थापना दिवस के पहले विशेष सत्र बुलाकर इसे विधानसभा में पारित करेगी और केंद्र को अपनी अनुशंसा भेज देगी। सीएम ने इसके पहले राज्य और आदिवासी हित में कई बड़े फैसले लिये हैं, जिनमें स्थानीय नीति पर पुनर्विचार करने का फैसला शामिल है। साथ ही 10 रुपये में धोती-साड़ी देने का फैसला भी बड़ा माना गया।
एक-दो दिन में भेजा जायेगा विशेष सत्र का अनुरोध पत्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि जन प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल उनसे मिला। उसमें कॉलेज विद्यार्थी भी थे। सभी ने जनगणना रजिस्टर में सरना कोड के लिए कोई कॉलम नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। इसको ध्यान में रखते हुए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से हमने फोन पर बात की और उन्हें बताया कि एक-दो दिनों के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से संबंधित अनुरोध पत्र उन्हें भेज दिया जायेगा।
अलग धर्म कोड नहीं होना चिंतनीय
सीएम ने बताया कि जल्दी जनगणना भी होनी है। इसमें विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए कॉलम बनाये गये हैं, लेकिन आदिवासियों के लिए कोई कॉलम नहीं है। यह चिंता की बात है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड को स्थान दिया गया था, लेकिन बाद में इसे धीरे-धीरे समाप्त कर दिया गया। बताते चलें कि पूरे राज्य में सरना कोड लागू करने की मांग को लेकर कई संगठनों ने आंदोलन भी किया था। विधानसभा से पारित कराने के बाद केंद्र को सिफारिश भेजी जायेगी। तब भारत सरकार को इस पर निर्णय लेना होगा।
भाजपा की टिप्पणी उनकी मानसिकता
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा झामुमो पर की गयी टिप्पणी पर हेमंत ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा है, उसके पीछे कई भाव छुपे हैं। इस तरह की बातें और आचरण भाजपा के अलावा कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। यह उनकी मानसिकता को दिखाता है। आमतौर पर बात-बात में जुबान फिसल जाया करती है, जिसे अनसुना किया जाता है। पूर्व सीएम ने जो बयान दिया है, उसे मान लिया गया है, तो उनका आचरण और बोलचाल वैसी ही है।
भाजपा में ऐसे लोगों की भरमार
हेमंत सोरेन ने कहा कि समाज में कई तरह के लोग होते हैं, चोर, सिपाही, लेखक, कवि। उन्हें खुद समझना चाहिए कि वे कहां स्थान रखते हैं। भाजपा में ऐसे लोगों की संख्या खूब है। उन्होंने कहा कि भाजपा में एक पूरा भोक्ता है, दूसरा दवा देता है, तीसरा सहानुभूति दिखाता है और चौथा बेवकूफ बना कर चला जाता है। इस टोली को राज्य ही नहीं, पूरा देश पहचान चुका है। जो लोकतांत्रिक तरीके से कुछ नहीं कर सकते, वे धनबल के तरीके से काम कर रहे हैं। जनता वैसे लोगों को पहचान चुकी है और उन्हें सबक सिखायेगी।
सरना कोड लागू करने की सिफारिश करेंगे : हेमंत
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