- दुर्गोत्सव : घरों, देवी मंदिरों और पूजा पंडलों में मां के सातवें कालरात्रि स्वरूप की आराधना की गयी
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मां भवानी के धरा पर आगमन होते ही चारों ओर भक्ति का साम्राज्य स्थापित हो गया है। श्रद्धा की ज्योत से शहर का कोना-कोना दमक रहा। सात्विक जनों को अभयदान देने वाली मां सब का मन मोह रही। शारदीय नवरात्र महासप्तमी को घरों, देवी मंदिरों और पूजा पंडलों में मां के सातवें कालरात्रि स्वरूप की आराधना की गयी। भक्तों ने पूजा-अर्चना और पाठ कर देवी के श्रीचरणों में पुष्प चढ़ाया। दोहपर बाद तक पूजन-अनुष्ठान का सिलसिला चला। सांझ ढलते मौसम की बेरूखी के बाद भी महामाया के दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शनार्थी पूरी उत्साह से बारिश को मां का अशीष जान दुर्गोत्सव का लुफ्त अहले सुबह तक उठाते रहे। अब यह सिलसिला विजयदशमी तक चलेगा। छह अक्तूबर को पूजा-पंडालों में विराजमान सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन शोभायात्रा के साथ किया जायेगा।
वैशाखी संघ के पूजा पंडाल का उद्घाटन
रांची। हिंदपीढ़ी पूजा कमिटी वैशाखी संघ के पूजा पंडाल का उद्घाटन मुख्य अतिथि रांची के सांसद संजय सेठ, विशिष्ट अतिथि महावीर मंडल रांची के पूर्व अध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा, समाजसेवी संदीप वर्मा, कुणाल अजमानी और राजेश सिन्हा सन्नी के द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में आये सभी अतिथियों का भव्य स्वागत राहुल सिन्हा चंकी और समिति के पदाधिकारियों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अभिनंदन चौधरी, संचालन समीर सिन्हा और धन्यवाद ज्ञापन मनीष श्रीमाली के द्वारा किया गया। समारोह में भैरव सिंह, अरुण बुधिया की अहम भूमिका रही। इस अवसर पर हिंदपीढ़ी क्षेत्र के सभी मां भवानी के भक्त और पूजा समिति के सदस्य गण उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले 62 वर्षों से हिंदपीढ़ी पूजा कमिटी वैशाखी संघ के द्वारा बंगाली विधि विधान से पारंपरिक पूजा की जा रही है। समिति ने सभी मां भवानी के भक्तों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विश्वजीत बोस, सत्यजीत सरकार, मोपाली बॉस, सुमित कुमार, सुभाजित पाल, अमन जयसवाल, आकाश कुमार, गोदाई कुमार, बाबला कुमार, शिल्पी नंदी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।