रांची। फीफा यू-17 महिला विश्व कप के लिए भारतीय टीम की कप्तान के रूप में अष्टम उरांव का चयन होना झारखंड के लिए गर्व की बात है। गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड के गौराटोली की इस बेटी ने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि झारखंड जैसे पिछड़े प्रदेश में प्रतिभा की कमी नहीं है। ये बातें मेयर सह बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री डॉ आशा लकड़ा ने कहीं। उन्होंने कहा कि गांव की पगडंडियों पर प्रैक्टिस कर विश्व स्तरीय खेल के लिए चयनित होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये कम है। झारखंड की बेटियों को अष्टम से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। बेटियां किसी से कम नहीं, बल्कि दो कदम आगे हैं। आज के युग में सिर्फ पढ़ाई के क्षेत्र तक ही प्रतिभा सीमित नहीं है। खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना कर बेटियां आगे बढ़ सकती हैं। इतिहास गवाह है कि झारखंड की मिट्टी ने क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी के खेल में बहुमूल्य व प्रतिभावान खिलाड़ियों को जन्म दिया है।
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