देवघर। देवघर जिला अंतर्गत पाथरोल थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के निकट छह दरिंदों ने जंगल में ले जाकर मां के सामने उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना का विरोध कर रही मां के साथ भी दरिंदों ने मारपीट कर जख्मी कर दिया। वहीं, एसडीपीओ ने फिलहाल ऐसी कोई शिकायत से इनकार किया है।
छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने मां के साथ आयी थी पीड़िता
घटना के संबंध में पीड़िता की मां ने बताया कि अपनी नाबालिग बेटी के साथ पाथरोल के सिरसा गांव छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने आयी थी, लेकिन कुछ कारणों से कार्यक्रम स्थगित हो गया था। वे लोग छट्ठी समेत विभिन्न कार्यक्रमों में घर-घर नाच-गाकर बधाई देकर परिवार चलाती है। कार्यक्रम नहीं होने पर उसे पाथरोल चौक के पास लाकर छोड़ दिया गया। पाथरोल से रात को ही मां-बेटी मधुपुर पैदल आ रही थी।
छह युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
इसी क्रम में एनएच 114-अ स्थित बहादुरपुर के निकट दो बाइक पर सवार होकर छह युवक पहुंचे और जबरन मां- बेटी को उठा कर निकट के ही जंगल की ओर ले गये। इनमें पांच दरिंदों ने मां के सामने ही बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे बुरी तरह मारपीट कर जख्मी कर दिया गया। साथ ही करीब पांच हजार नगद, मोबाइल और आधार कार्ड भी छीन लिया।
रात को पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी से नहीं मिली मदद
पीड़िता की मां ने बताया कि घटना के कुछ ही देर बाद रास्ते से पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी गुजर रही थी। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि इस घटना की जानकारी पेट्रोलिंग पार्टी को दी गयी। इस पर पुलिस ने डांट कर भगा दिया। इसके बाद उन लोगों ने पाथरोल थाना आकर मामले की शिकायत की। जानकारी मिलते ही पुलिस ने पीड़िता और नाबालिग का प्राथमिक इलाज अनुमंडल अस्पताल में कराया। चिकित्सकों ने नाबालिग के बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, देवघर रेफर कर दिया, जहां उसकी हालत गंभीर है।