रांची। 12 अक्टूबर से शुरू होनेवाले आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार अभियान की सफलता के लिए सचिव स्तर के आइएएस अधिकारियों को जिलों का प्रभार दिया गया है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह से राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
इन आइएएस अफसरों को मिला जिलों का प्रभार
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार को रांची।
वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह को धनबाद।
खाद्य, सावर्जनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव हिमानी पांडे को पूर्वी सिंहभूम।
वाणिज्य कर विभाग के सचिव आराधना पटनायक को गुमला।
राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन को हजारीबाग।
पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार को बोकारो एवं लातेहार।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव राहुल कुमार पुरवार को गोड्डा।
योजना एवं विकास विभाग के सचिव अमिताभ कौशल को कोडरमा एवं गिरिडीह।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव मनीष रंजन को देवघर एवं जामताड़ा।
परिवहन विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा को साहिबगंज।
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी को पश्चिमी सिंहभूम एवं सिमडेगा।
श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण कौशल विभाग के सचिव प्रवीण को सरायकेला खरसांवा एवं चतरा।
जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार को दुमका एवं पाकुड़।
अनुसूचित जाति, जनजाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव श्रीनिवासन को रामगढ़।
महिला, बाल विकास विभाग के सचिव कृपानंद झा को पलामू एवं गढ़वा।
पर्यटन, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव मनोज कुमार को खूंटी।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवर्नेंस विभाग के सचिव विप्रा भाल को लोहरदगा।
12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का गिरिडीह से शुभारंभ करेंगे।
12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का गिरिडीह से शुभारंभ करेंगे। राज्य सरकार आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। यह दूसरा चरण उन व्यक्तियों को समर्पित होगा, जो पूर्व के अभियान में योजनाओं के लाभ से वंचित रह गये थे। ऐसे छुटे हुए लोगों को योजनाओं से जोड़ने के लिए एक बार फिर सरकार लोगों के द्वार आ रही है। 12 अक्टूबर को यह महाअभियान शुरू होगा। अभियान दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। पहला चरण 12 से 22 अक्तूबर एवं दूसरा चरण 1 से 14 नवंबर तक आयोजित होगा। इसमें उन पंचायतों को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी, जहां गत वर्ष किसी वजह से शिविर नहीं लग पाया था।