आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। नीति आयोग की टीम मंगलवार शाम को रांची पहुंची। आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आयी है। इस क्रम में टीम के सदस्यों की बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक होगी। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय और योजनाओं को लेकर मंथन होगा। बैठक में टीम के सदस्यों के अलावा मुख्य सचिव, विकास आयुक्त सहित कई आला अधिकारियों के रहने की संभावना है। इसके अलावा नीति आयोग की टीम जमशेदपुर का भी दौरा करेगी। वहां एक्सएलआरआई में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेगी। नीति आयोग की टीम में नीरज सिन्हा, राकेश रंजन शामिल हैं।

सरकार तैयारी में जुटी:
नीति आयोग की टीम के झारखंड दौरे को देखते हुए राज्य सरकार तैयारी में जुट गयी है। पिछले दिनों गवर्निंग काउंसिल की बैठक में झारखंड की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुखाड़ को लेकर विशेष पैकेज की मांग की थी। नयी दिल्ली में 7 अगस्त को हुई इस बैठक में राज्य सरकार ने नीति आयोग के समक्ष सुखाड़ और अन्य मुद्दों पर विस्तार से मांग रखा था। गवर्निंग काउंसिल नीति आयोग की शीर्ष निकाय है। जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। वहीं, सदस्य के तौर पर राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री सदस्य होते हैं। इस बैठक के बाद नीति आयोग की टीम का झारखंड दौरा काफी मायने रखता है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने नीति आयोग के सामने अपनी बातों को रखने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक के दौरान संभावना है कि सरकार की ओर से राज्य में सुखाड़ की स्थिति से विस्तार से टीम को अवगत कराया जाए। राज्य सरकार एक बार फिर केंद्र से विशेष पैकेज देने के लिए आग्रह करे। इसके अलावा केंद्र की अन्य योजनाओं को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी।

1 मार्च को आयी थी टीम:
नीति आयोग की टीम इससे पहले झारखंड में 1 मार्च को आयी थी। इस बैठक में डॉ बीके पाल, वरीय सलाहकार नीरज सिन्हा, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार द्विवेदी सहित कई लोग शामिल थे। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार की ओर से नीति आयोग के समक्ष 20-22 बिंदुओं को रखा था, जिसमें डीवीसी के द्वारा बकाया राशि की कटौती, केंद्र पर कोल रॉयल्टी भुगतान नहीं किया जाना, 15वें वित्त आयोग के तहत कुपोषण पर वित्त प्रबंधन जैसे मुद्दे रखे गये थे।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version