आजाद सिपाही संवाददाता
कोडरमा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि केंद्र सरकार के द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गयी है। इसमें बताया गया है कि झारखंड देश के वैसे गिने-चुने राज्यों में शामिल है, जहां दो वर्षों तक कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के बाद भी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। यह सब आपके सहयोग और सरकार के बेहतर प्रबंधन की वजह से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री मंगलवार को कोडरमा में आयोजित ‘आप की योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर 286 करोड़ 12 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 513 योजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने 3377 लाभुकों के बीच 22 करोड़ 98 लाख 23 हजार रुपये की परिसंपत्ति बांटे। साथ ही कोडरमा जिला प्रशासन की ओर से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के एप्प को भी लांच किया।

बंद कमरों में योजनाएं बनती और समाप्ति हो जाती थी:
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पहले बंद कमरों में योजनाएं बनती थी और वहीं समाप्ति हो जाती थी। लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर जानकारी तक नहीं होती थी। हमारी सरकार में अधिकारी तमाम योजनाओं को लेकर आपके दरवाजे पर जा रहे हैं। हमारा आग्रह है कि आप इन योजनाओं को अपने घर ले जाएं और अपनी आय बढ़ाकर सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी बनें।

अब तक मिल चुके हैं साढ़े आठ लाख से ज्यादा आवेदन:
हेमंत सोरेन ने कहा कि 12 अक्टूबर से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत अब तक लगाये गये शिविरों में साढ़े आठ लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। इन आवेदनों का निपटारा तीव्र गति से किया जा रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार इस कार्यक्रम के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों को योजनाओं से आच्छादित करने का एक नया रिकॉर्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपने पंचायत में योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन देने में किसी भी तरह की कठिनाई है तो वे दूसरे पंचायतों में भी आवेदन कर सकते हैं।

हर वर्ग और तबके के लिए है कल्याणकारी योजनाएं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग और तबके के हित को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही हैं। उन्होंने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, नये राशन कार्ड, धोती-साड़ी-लूंगी देने का कार्यक्रम, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना समेत अन्य योजनाओं का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा की बेहतरी और गुणवत्ता के लिए उठाये जा रहे कदम से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा रोजगार की दिशा में उठाये जा रहे कदम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में निजी क्षेत्र की कंपनियों में 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय को देने के लिए नियमावली तैयार कर ली गयी है। अब निजी क्षेत्र में स्थानीय को नौकरी देने के लिए शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने सुखाड़ से निपटने की तैयारी के बारे में भी बताया। इस मौके पर मंत्री आलमगीर आलम व सत्यानंद भोक्ता, विधायक उमा शंकर अकेला व अमति यादव समेत वरिष्ठ अदिखारी मौजूजद थे।

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