रांची। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ हुए गैंगरेप मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एसपी आशुतोष शेखर के निर्देश पर गठित एसआईटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 60 घंटे के अंदर इस घटना में शामिल सात आरोपियों को दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर करजी उर्फ बाज, सुरेन देवगम, पुरमी देवगम उर्फ सेटी, प्रकाश देवगम उर्फ डेंबो और सोमा सिंको उर्फ पेट्रो और दो नाबालिग शामिल है. आरोपियों के पास से पुलिस ने पीड़िता का पर्स और उसमें रखे 4500 रुपये समेत कई अन्य सामान बरामद किया है.
एसपी ने गठति की थी एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आशुतोष शेखर ने एसआईटी का गठन किया था. पुलिस दिन रात एक कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी हुई थी. जिसका नतीजा है कि पुलिस ने घटना के तीसरे दिन सात लोगों को दबोचने में सफलता मिली.
क्या है पूरा मामला
20 अक्टूबर को पीड़िता अपने दोस्त के साथ पुराना चाईबासा स्थित एरोड्रम की ओर गई थी. उसी दौरान 9-10 युवक वहां पहुंचे और सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ रात करीब सात बजे दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इस वारदात के बाद पीड़िता की हालत खराब हो गई और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पीड़िता ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा कि वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वर्तमान में वह वर्क फ्रॉम होम कर रही है. वह चाईबासा के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में भाड़े के मकान में रह कर अपना काम करती है. वह शाम करीब 5:30 बजे अपने दोस्त के साथ स्कूटी से घूमने के लिए हवाई अड्डे के पास गई थी. यहां वह स्कूटी खड़ी कर दोस्त से बात करने लगी. शाम ढलने से हल्का अंधेरा हो गया था. इस बीच 10 युवक वहां आ गए और उससे मारपीट कर उसे सुनसान जगह पर खींच ले गए. यहां सभी ने दुष्कर्म किया. इस दौरान युवकों ने पीड़िता और उसके दोस्त से मोबाइल और पांच हजार रुपये भी छीन लिए. युवती के बयान पर 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कयिा गया था. पीड़िता की स्थिति गंभीर होने लगी तो सभी लड़के उसे वहां छोड़ कर भाग गए. पीड़िता किसी तरह से वहां से अपने घर आई और परिजनों को आपबीती बताई. इस घटना के बाद पुलिस ने एक एसआईटी गठति की थी. टीम ने छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.