जमशेदपुर। पुलिस के व्यवहार से तंग आकर एक दंपति ने आत्महत्या कर ली। पति-पत्नी इंसाफ मांगने थाने पहुंचे थे। उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचे पति-पत्नी ने निराश होकर आत्महत्या कर ली। घटना जमशेदपुर की है। आदित्यपुर थाना अंतर्गत एमआइजी कॉलोनी निवासी मुकेश अग्रवाल और उसकी पत्नी बीना अग्रवाल ने घर लौट कर आत्महत्या कर ली।
पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने दंपति को धमकी दी थी और मारपीट भी की थी। पुलिस समझौता करने का दबाव बना रही थी। इनकार करने पर पुलिस ने दंपति के साथ मारपीट की, जिससे निराश होकर दोनों ने आत्महत्या कर ली। हालांकि मामले पर परदा डालने के लिए आदित्यपुर थाने के प्रभारी राजन कुमार आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
थाने में ही कह दिया था, अब जीना मुश्किल है
महिला बीना की बहन रीना ने बताया कि चार साल पहले उनकी शादी हुई थी और एक बच्चा भी है। उसने अपनी बहन के ससुरालवालों पर दहेज प्रताड़ना का भी आरोप लगाया और साथ ही कहा कि परिवार द्वारा टॉर्चर करने के कारण दोनों थाने गये थे, उनके साथ मारपीट की गयी। कार्रवाई नहीं होने पर दोनों ने थाने में ही यह कह दिया था कि अब दोनों को जीना नहीं है और दोनों वहां से निकल गये। घर जाकर अपने बच्चे को खेलने के लिए बाहर भेज दिया और खुद फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मुकेश घर चलाने के लिए फूड डिलीवरी का काम करता था।
आदित्यपुर की इस घटना ने पुलिस का काला चेहरा सामने लाया है। आदित्यपुर में चहुंओर इस घटना की निंदा हो रही है। लोगों का कहना है कि पैसे के लिए पुलिस कुछ भी कर सकती है।