रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने 75 करोड़ रुपये का बैंक लोन लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में जेल में बंद बिल्डर ज्ञान प्रकाश सरावगी की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर निर्धारित की है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जवाब दाखिल हो चुका है। ईडी के अधिवक्ता की अस्वस्थता की वजह से समय की मांग की गई।
ज्ञान प्रकाश सरावगी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। मामले में ईडी ने ईसीआईआर 1 /2022 दर्ज किया था। बैंक आफ इंडिया व यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया को 75 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत अनुसंधान कर रही ईडी ने रांची के कांके रोड निवासी बिल्डर ज्ञान प्रकाश सरावगी सहित 10 आरोपितों के खिलाफ ईडी की रांची स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल किया है। अन्य आरोपितों में ज्ञान प्रकाश सरावगी का चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीस अग्रवाल, अमित सरावगी, अभिषेक अग्रवाल और उनकी छह कंपनियां शामिल हैं।
ज्ञान प्रकाश सरावगी 29 मार्च, 2022 से जेल में हैं। ईडी ने उसकी अब तक उनकी 38 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि जिन पर पहले से ऋण था, उन्हीं कागजातों पर आरोपितों ने दोनों बैंकों को 75 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया था। जांच में यह पाया गया कि लोन के लिए अचल संपत्ति से जुड़े जो दस्तावेज बैंकों को दिए गए, उन पर पहले भी ऋण की निकासी हुई थी। इन कंपनियों के गारंटर निदेशक ज्ञान प्रकाश सरावगी के नजदीकी रिश्तेदार और कर्मचारी ही थे।
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