इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर इस्लामाबाद हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने भ्रष्टाचार मामले में अपनी अंतरिम जमानत निलंबित होने के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद हाई कोर्ट से राहत की गुहार की है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बीती पांच अगस्त से जेल में हैं। भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जमानत मिली थी, किन्तु पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने उनकी अस्थायी जमानत निरस्त कर उन्हें जेल में ही रखने का आदेश दे दिया था। अब इमरान खान ने राहत के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इससे पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इमरान खान की याचिका खारिज की थी। इस खंडपीठ में चीफ जस्टिस आमिर फारुक और जस्टिस तारिक महमूद जहांगिरी शामिल थे। इस्लामाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आदेश में पीटीआई चीफ इमरान खान को अटक जेल से रिहा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि इमरान खान को सुनाई गई सजा को निलंबित करने के कारणों और नियमों की व्याख्या बाद में की जाएगी।

इमरान खान ने हाई कोर्ट से भ्रष्टाचार मामले में जवाबदेही अदालत के फैसले को निरस्त करने की अपील की थी। अदालत ने ऐसा करने से इनकार करते हुए उन्हें अस्थायी जमानत पर रिहा करने का फरमान सुनाया था। सजा से मिली अस्थायी राहत के बावजूद इमरान खान फिलहाल जेल में बंद हैं।

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