रांची। भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों में निलंबित झारखंड की पूर्व खान-उद्योग सचिव आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले में अनुसंधान के दौरान राजनेताओं और नौकरशाहों के काले धन के निवेशक विशाल चौधरी के खिलाफ इडी का अनुसंधान लगातार जारी है।

विशाल चौधरी के यहां इडी की छापेमारी से दस दिन पहले 10 करोड़ रुपये के लेन-देन हुए थे, जिससे संबंधित दस्तावेज इडी के पास तो हैं, लेकिन उसका हिसाब अब तक नहीं मिल पाया है। जानकारी मिल रही है कि इडी के दफ्तर में विशाल की राजदार महिला कर्मी हर दिन पूछताछ में शामिल हो रही ह। उससे इडी के अधिकारी यह जानने की कोशिश में हैं कि 10 करोड़ रुपये किसके थे और कहां से आये थे? उस राजदार से इडी विशाल चौधरी के सभी नेटवर्क और व्यवसाय का हिसाब-किताब जुटा रही है।

झारखंड कैडर के कई आइपीएस और आइएएस अधिकारियों से विशाल के बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं। विशाल चौधरी बिहार का मुजफरपुर का रहनेवाला है। विशाल चौधरी को आइएएस राजीव अरुण एक्का का सबसे करीबी माना जाता है। विशाल चौधरी के दफ्तर का एक वीडियो वायरल होने के बाद ही राजीव अरुण एक्का को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद से हटा दिया गया था।

साल 2012 में विशाल चौधरी ने विनायका फंडामेंटल रिसर्च एंड एजुकेशन सोसायटी की शुरूआत की थी। अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विशाल ने झारखंड स्कील डेवलपमेंट मिशन के साथ एक एमओयू किया, जिसमें 3000 युवाओं को प्रत्येक वर्ष कौशल विकास से जोड़ना था।

जब्त कागजात में मिले लेन-देन के अहम एवीडेंस, इडी के रडार पर कई ब्यूरोक्रेट्स
इडी को आशंका है कि अपनी कई कंपनियों के जरिए विशाल ने भी मनी लाउंड्रिंग की है। इडी की टीम ने कई बैंक अकाउंट्स, निवेश संबंधी कागजातों की पड़ताल की है। इडी अब सरकार में सप्लाई, कंट्रैक्टर के पहलुओं पर भी जांच कर रही है। हालांकि पूछताछ के बाद इडी ने विशाल को छोड़ दिया।

आइएएस-आइपीएस, की खुलेगी पोल
बताया जाता है कि विशाल चौधरी विदेश घूमने का भी शौकीन है। स्विटजरलैंड, इंडोनेशिया समेत कई देश घूमने में उसने दो साल में तीन करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिया है। विशाल एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के काम में भी हाथ आजमा रहा था। उसके नोएडा और नैनीताल में होटल खरीदने की भी चर्चा है। अब तक आयी खबरों के मुताबिक विशाल के इंस्टीट्यूट में कई ब्यूरोक्रेट्स अपने पैसे खपाते थे। इडी की जांच और पूछताछ के बाद विशाल के कई राजदार आइएएस-आइपीएस, की पोल खुलने वाली है।
विदेश दौरे का शौकीन है विशाल चौधरी

इडी के राडार पर आये एक आइएएस अधिकारी के दुलरूआ विशाल चौधरी विदेश दौरे का शौकीन है। श्रीलंका और थाइलैंड तो ऐेसे नापता था, जैसे कोई रांची से मोरहाबादी और नामकुम को नापता हो। जी हां हर महीने थाइलैंड और श्रीलंका का दौरा इनकी आदत में शुमार था। मिली जानकारी के अनुसार विशाल चौधरी कई बार अपनी यात्रा के दौरान अपने पूरे स्टाफ को भी ले जाता था। अपने कार्यालय के स्टाफ को ये हर तीन महीने में बदलता रहता था। उसके कार्यालय का नाम फ्रÞंट लाइन ग्लोबल सर्विसेस है।

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