रायगढ़ | रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई से अब तक एक हजार 225 लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। 1200 लोग स्वस्थ भी हुए हैं, लेकिन 100 से ज्यादा लोग गंभीर होकर अस्पताल में भर्ती हुए। 5 लोगों की मौत भी हुई है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के मुताबिक सिर्फ 2 मौत ही डेंगू की वजह से हुई है। बारिश बंद होने के बाद भी डेंगू के मरीज हर रोज मिल रहे हैं। लार्वा कंट्रोल नहीं किए जाने के कारण लोगों को राहत नहीं है। शहर के गौशाला पारा, पुलिस लाइन, बैकुंठपुर, रामलीला मैदान, केवड़ाबाड़ी, लालटंकी, केवटा पारा, बापूनगर इलाकों में ज्यादा मरीज हैं।
अगस्त माह में ही डेंगू मरीजों के मिलने की शुरुआत हुई थी।सात अगस्त को जिले में सबसे पहले डेंगू के 8 मरीज मिले थे। इसके बाद लगातार इसकी संख्या बढ़ती गई। अगस्त से लेकर अक्टूबर तक ढाई माह में ही जिले में डेंगू के 1,166 मरीज मिले हैं, जो चौंकाने वाले हैं। बीते 10 साल की बात करें, तो इतने मरीज नहीं मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुद इस बात को मान रहे हैं।
नगर निगम ने वार्डों में दवा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई। जनप्रतिनिधियों के साथ संगठन के लोगों ने जागरूकता अभियान और दूसरी गतिविधियां भी चलाईं, लेकिन पुरानी और घनी बस्तियों में जलजमाव के कारण पैदा हुए लार्वा पर कंट्रोल नहीं हो सका। अब बारिश बंद हो चुकी है, लेकिन डेंगू मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हुआ है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर डेंगू से निपटने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही फॉगिंग भी लगातार करवाई गई, लेकिन इसका नतीजा शहर में नजर नहीं आ रहा है।