रांची। आदर्श आचार संहिता के मसले पर राज्य सरकार और भाजपा में ठन गयी है। झामुमो ने एक्स के जरिए भाजपा नेताओं पर आचार संहिता के उल्लंघन की बात करते सीएम हेमंत से एक्शन लेने की अपील की थी। इस पर हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिया है कि वे संज्ञान लें। सुनिश्चित करें कि भारत निर्वाचन आयोग के सभी नियमों का सख्ती से पालन हो। झारखंड में किसी को आयोग के नियमों को तोड़ने की आजादी नहीं है। उन्होंने सभी डीसी से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने एवं सुसंगत धाराओं में मुकदमा कायम करते हुए सूचना देने को भी कहा है।
उनके इस निर्देश के बाद असम के सीएम और भाजपा के झारखंड के सह चुनाव प्रभारी हिमंता विस्वा सरमा ने कहा है कि चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता चुनाव अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभाव में आती है। अधिसूचना जारी होने तक, प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने कार्यक्रम संचालित करने का अधिकार है। एक्स पर हेमंत सोरेन के एक पोस्ट का जिक्र करते उसके जवाब में हिमंता ने लिखा है कि जब तक हम किसी नियम या संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, हमारी गतिविधियों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप अवैध माना जायेगा।
भाजपा को लेकर झामुमो की शिकायत
सत्तारूढ दल झामुमो ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह लगातार चुनाव आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। साथ ही कहा कि कमीशन सो रहा है। सवाल करते कहा कि आखिर भाजपा को नियम तोड़ने की विशेष छूट है क्या? लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को बहुमत से कम मिली सीटों को टार्गेट करते कहा कि आखिर इतने छूट के बाद भी 240 ही क्यों? चुनाव आयोग कहता है कि लाभार्थी से किसी भी तरह का फॉर्म नहीं भरवाया जा सकता है-पर भाजपा के नेता, दल बदलू लगातार इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं और केंचुआ शांत है। झामुमो लीडर्स ने मुख्यमंत्री हेमंत से ऐसे मामले में संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होने पर महागठबंधन भी अब ऐसे हथकंडे अपनायेगा।