जमशेदपुर। जमशेदपुर टाटा संस ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा के निधन पर जमशेदपुर में शोक की लहर है। सुबह जैसे ही लोगों को रतन टाटा के निधन की खबर लोगों को मिली लोग स्तब्ध रह गए। पूरे शहर में शोक की लहर छा गई। रतन टाटा का निधन मुंबई में देर रात हो गया था। रतन टाटा को जमशेदपुर से गहरा लगाव था। टाटा कंपनी की सभी इकाइयों में शोक की लहर है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी शोक में डूबे हुए हैं। भारत रत्न रतन टाटा के निधन पर अनेक लोगों ने शोक जताया है। उनके चित्र पर पुष्प चढ़ा कर अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि दी व नमन किया।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने निधन पर दुख जताया है। उन्होंने रतन टाटा के फोटो पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मंत्री ने कहा कि रतन टाटा के निधन से देश को हुई बड़ी क्षति हुई है। पूरा देश सदमे में है दुखी है। वह महान उद्योगपति के साथ एक नेकदिल इंसान भी थे। गरीबों के मसीहा थे। मंत्री ने कहा कि रतन टाटा सरल स्वभाव के थे, कभी भी उनसे मिलने पर बड़ी सरलता के साथ मिलते थे। उन्होंने कहा कि देश ने एक रत्न खो दिया है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है।
वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव सह मजदूर नेता विजय खां ने भी स्वर्गीय रतन टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश में कई और उद्योगपति है लेकिन रतन टाटा की छवि ही अलग थी। उनके साधारण व्यवहार और मजदूरों के प्रति उनका प्रेम अवस्मरणीय है। उनकी कमी को पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने देश के उद्योग जगत को विश्व के पटल पर स्थापित किया और भारत में विकास की गति दी। उनके सिद्धांतों को तमाम उद्योगपतियों को अपनाना चाहिए।