Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Friday, January 16
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»दुनिया»विदेश»बलोचिस्तान में न्याय या दमन? महरंग बलोच की सुनवाई अब जेल में
    विदेश

    बलोचिस्तान में न्याय या दमन? महरंग बलोच की सुनवाई अब जेल में

    shivam kumarBy shivam kumarOctober 14, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    क्वेटा। बलोचिस्तान की प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी (बीवाईसी) की अन्य महिला नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की ताजा सुनवाई आतंकवाद विरोधी अदालत के बजाय क्वेटा जिला जेल में हुई। बीवाईसी ने इसे प्रशासनिक दमन का एक भयावह उदाहरण बताया है।

    द बलोचिस्तान पोस्ट (पश्तो भाषा) की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी ने एक्स पर एक बयान में कहा कि हिरासत में ली गई महिलाओं की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। डॉ. महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह बलोच, बेबो बलोच, बैबर्ग बलोच और गुलजादी बलोच को मार्च में पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस (एमपीओ) के तहत गिरफ्तार किया गया था। वे वर्तमान में हिरासत में हैं। इनकी रिमांड कई बार बढ़ाई जा चुकी है।

    डॉ. महरंग बलोच के वकील इसरार बलोच ने बताया कि मामले की सुनवाई शनिवार को आतंकवाद निरोधक अदालत संख्या एक के न्यायाधीश मोहम्मद अली मुबीन ने क्वेटा जिला जेल में की। सुनवाई के दौरान अभियोजक चालान पेश करने में विफल रहा। इसके कारण आरोप नहीं लगाए जा सके और औपचारिक सुनवाई शुरू नहीं हो सकी। जज ने सुनवाई 18 अक्टूबर तक स्थगित कर दी गई।

    बीवाईसी का कहना है कि “जेल में सुनवाई करना पारदर्शिता को दबाने, सार्वजनिक जांच को समाप्त करने और बलोचिस्तान में शांतिपूर्ण राजनीतिक असंतोष को आपराधिक बनाने की एक गंभीर और सोची-समझी योजना है। जो पाकिस्तान के अपने संविधान और निष्पक्ष सुनवाई तथा कानून की उचित प्रक्रिया के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।”

    उल्लेखनीय है कि बलोच यकजेहती समिति की नेता हैं। वह बलोचिस्तान में जबरन गायब किए जाने, गैर-न्यायिक हत्याओं और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए जानी जाती है। उन्हें 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया। उन्होंने 2019 में इस समिति की स्थापना की थी। उन्होंने 2023 में बलोच लॉन्ग मार्च का नेतृत्व किया। इसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया। महरंग बलोच ने अपने पिता के अपहरण और भाई के जबरन गायब होने के बाद मानवाधिकारों के लिए आंदोलन शुरू किया। वह अपने संघर्ष में अहिंसक और गांधीवादी तरीकों पर जोर देती हैं।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleअफगानिस्तान ने पाकिस्तान के रक्षामंत्री और आईएसआई प्रमुख के वीजा आवेदन खारिज किए
    Next Article मिस्र के फिलिस्तीन शांति में दो-राज्य समाधान तर्क से सहमत नहीं ट्रंप
    shivam kumar

      Related Posts

      नेपाल: टूटने की कगार पर नेपाली कांग्रेस! देउवा और कोइराला गुट के बीच वार्ता विफल

      January 10, 2026

      खामेनेई का ट्रंप पर तीखा हमला, बोले—अहंकार के शिखर पर होता है पतन

      January 10, 2026

      ईरान में कोहराम: सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ सड़क पर उतरी जनता, 10 दिनों में 36 की मौत

      January 7, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • जेपीएससी-2 नियुक्ति घोटाला: ईडी ने दर्ज की ईसीआईआर, 60 लोग बनाए गए आरोपी
      • चर्च रोड से कर्बला चौक तक चला नगर निगम का बुलडोजर
      • शिक्षा केवल आजीविका नहीं, समाज और राष्ट्र सेवा का माध्यम: राष्ट्रपति
      • ED कार्यालय में मारपीट का मामला गरमाया, रांची पुलिस पहुंची इडी ऑफिस, CISF ने की घेराबंदी
      • दिनदहाड़े चाय दुकान पर गोलियां, पूर्व मुखिया समेत दो घायल
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
      © 2026 AzadSipahi. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version