पटना: केंद्र सरकार द्वारा मुसलमानों के पवित्र हज यात्रा को लेकर दी जा रही सब्सिडी को खत्म करने के बाद राजनीति का पारा चढ़ गया है. एक तरफ सरकार के सहयोगी दल इस कदम को सार्थक बताते हैं तो दूसरी ओर विपक्ष इसकी घोर आलोचना कर रही है. सरकार के सहयोगी दल रालोसपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अजहर उल हक उर्फ चुन्ने खान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हज की सब्सिडी समाप्त कर एक सार्थक पहल किया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि हज की यात्रा के लिए सब्सिडी उचित नहीं होता है. हज यात्रा करने वाले मुसलमान भाइयों के लिए उन्होंने कहा कि हज यात्रा अपने कमाए हुए पैसों से करें. इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि रालोसपा भाजपा के साथ सरकार में शामिल है और रालोसपा के लिए मोदी शरणम गच्छामि की बात राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा.
पूर्वे ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से गरीब मुसलमान भाइयों को हज की यात्रा करने में मदद मिलती थी. इसकी जितनी आलोचना किया जाए वह कम होगा. भाजपा RSS के मुसलमान विरोधी एजेंडे को लागू करने का एक प्रयास है. रामचंद्र पूर्वे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए क्या कुछ कहा आप खुद ही सुनें.
गौरतलब है कि गत दिन बिहार राज्य हज कमेटी ने प्रेस वार्ता कर हज की सब्सिडी केंद्र सरकार से खत्म कराने की बात बताया था. उधर रालोसपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ट के प्रदेश अध्यक्ष चुन्ने खान ने राज्य की मदरसा की बिगड़ी हुई हालत पर चिंता जताई है, सरकार से उसे सुधारने की मांग किया है. उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा में नियुक्त शिक्षकों के वेतन समान किया जाए. साथ ही संगठन के विस्तार की बात भी कहा है.