लंदन: सूर्य को लेकर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है। उन्होंने ब्रह्मांड में एक ऐसी चीज ढूंढी है, जिसे देखकर सूरज के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।
-वैज्ञानिकों का दावा, एक खास अवधि के बाद सूर्य लगने लगेगा उसी तारे जैसा
स्वीडन के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक टीम ने ऐसे विशालकाय तारे की खोज की है, जिसका वजन (द्रव्यमान) पृथ्वी के सूर्य जितना ही है। लेकिन खास बात यह है कि यह लाल तारा काफी पुराना हो चुका है और सूर्य के मुकाबले बहुत ठंडा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि एक तारा होने के चलते पृथ्वी के सूर्य का भविष्य भी कुछ ऐसा ही होगा। डब्लू हाइड्रे नाम का यह तारा धरती से 320 प्रकाशवर्ष दूर है। यह हाइड्रा नाम के तारों के समूह का हिस्सा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जब कोई भी तारा काफी सालों बाद विशालकाय लाल ग्रह बन जाता है, तो कार्बन और नाइट्रोजन जैसी गैसें अतंरिक्ष में छोड़ता है। यही पदार्थ नए तारों का निमार्ण करने में काम आते हैं। इस खोज से जुड़ी टीम एक वैज्ञानिक ने कहा, हम मनष्य भी इसी तरह के एक तारे की मदद से अस्तित्व में आए हैं। यह अपने आप में पहली ऐसी खोज है, जो पृथ्वी पर हमारी उत्पत्ति और हमारे भविष्य के बारे में काफी कुछ जानने में मददगार होगी। बता दें कि हाइड्रा एक किस्म का तारा है। इस तरह के तारे ठंडे, ज्यादा चमकदार और बूढ़े होते हैं और लगातार इनका द्रव्यमान (मास) घटता चला जाता है।