रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को नक्सल मुक्त करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। राज्य लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है। मात्र 20 प्रतिशत ही नक्सल झारखंड में बचा है। ये ग्रामीणों की आड़ में मुखौटा पहन कर काम कर रहे हैं। ये नक्सली नहीं, बल्कि गुंडे हैं। पुलिस नक्सल फ्रंट पर बेहद अच्छा काम कर रही है और वह समय दूर नहीं, जब झारखंड पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जायेगा। सीएम बुधवार को झारखंड स्थापना दिवस परेड एवं पुलिस अलंकरण समारोह 2018 के अवसर पर जैप वन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के सर्वांगीण विकास में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राज्य में स्थिर सरकार बनने के बाद प्रत्येक सेक्टर में निरंतर विकास हो रहा है। पुलिस और आम जनता के सहयोग के कारण राज्य भ्रष्टाचारमुक्त, उग्रवादमुक्त, अपराधमुक्त की दिशा में अग्रसर हो सका है। पर्व, त्योहारों एवं विपरीत परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी बिना छुट्टी लगातार आम जनता की सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के संधारण के लिए कर्तव्य स्थल पर तैनात रहते हैं। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में यह घोषणा की गयी थी कि झारखंड में पुलिसकर्मियों को हर वर्ष 13 माह का वेतन दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा किया गया यह वादा जरूर पूरा होगा। 13 महीना वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रगति पर है। नये वर्ष में पुलिसकर्मियों को यह खुशखबरी मिलने की संभावना है।
अपराध मुक्त व्यवस्था लागू करना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार बनने के बाद आम जनता की सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के संधारण के लिए राज्य में 15 हजार पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गयी है। राज्य में अपराध मुक्त व्यवस्था लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान आधारित युग में पुलिस को भी तकनीकी का पूरा उपयोग करना चाहिए।
साइबर क्राइम चुनौती के रूप में उभर रहा : सीएम ने कहा कि राज्य एवं देश में साइबर क्राइम चुनौती के तौर पर उभर रहा है। साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निबटने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चिह्नित जगहों पर साइबर थाना भी बनाया गया है। साइबर क्राइम को आधुनिक तकनीक अपनाकर ही खत्म किया जा सकेगा। पुलिस विभाग अपने मानव संसाधन को दक्ष बनाये, ताकि साइबर क्राइम को मुंहतोड़ जवाब मिल सके। मुख्यमंत्री कहा कि शहर में अमन चैन रहे इसके लिए सभी चिह्नित चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं।
आवासविहीन शहीदों के परिजनों को मिलेगा घर
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहीद हुए पुलिसकर्मियों के वैसे परिवार अथवा आश्रितों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जायेगा, जो आवास विहीन हैं। महिला पुलिसकर्मी एवं पुरुष पुलिसकर्मियों के आवासन एवं अन्य सुविधा के लिए अलग-अलग बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। महिला पुलिसकर्मियों के आवासन के लिए 28 स्थानों में महिला बैरक का निर्माण कराया जा चुका है।
एसपी शैलेंद्र सिन्हा को राष्टपति पदक : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विशेष शाखा के एसपी शैलेंद्र सिन्हा को सराहनीय सेवा के लिए राष्टपति सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। इसके अलावा 102 पदाधिकारियों-कर्मियों को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया। इन पुरस्कारों में विशिष्ट सेवा के लिए दो राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता के लिए आठ को पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 28 को पुलिस पदक सहित विशिष्ट सेवा के लिए राज्यपाल पदक के लिए एक पदाधिकारी और वीरता के लिए 35 को पुरस्कर मिला।
शहीदों के परिजनों को 25-25 हजार का चेक : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सात शहीदों के परिजनों को 25-25 हजार का चेक और शॉल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि नमन करता हूं उन माताओं-बहनों को, जिन्होंने बेटा और पति को राज्य एवं देश की रक्षा के क्रम में खोया है। भरोसा दिया कि रघुवर का यह दास हर सुख-दुख में सदैव खड़ा रहेगा। मौके पर जैप वन ग्राउंड डोरंडा परिसर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का भी उद्घाटन किया गया।
इनकी रही उपस्थिति : मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, डीजीपी डीके पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, डीजी होमगार्ड बीबी प्रधान, डीजी जैप नीरज सिन्हा, डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू समेत अन्य उपस्थित थे।