रांची। आस्था का महापर्व छठ पूजा रविवार से शुरू हो जायेगी। रांची नगर निगम के दावे के मुताबिक 10 नवंबर तक सभी तालाबों की साफ सफाई हो जानी चाहिए थी, लेकिन शहर के सभी प्रमुख छठ तालाबों की सफाई अभी भी पूरी नहीं हुई है। जबकि, दीपावली से पूर्व ही शहर के तालाबों और डैमों का निरीक्षण मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त सहित निगम की टीम कर चुकी है। इसके बाद भी तालाब में दीपावली और काली पूजा के विसर्जित अवशेष अभी तक नहीं हटे हैं।

छठ को लेकर तालाब के पानी की गहराई को चिह्नित कर डेंजर जोन मानते हुए रेड रिबन से घेराबंदी की जानी है, लेकिन यह काम भी नहीं हो पाया। दुर्गा पूजा के दौरान तालाबों के किनारे बनाये गये विसर्जन कुंड और पूजन सामग्री कुंड अधिकतर तालाबों से गायब हो गये हैं। इसे नये सिरे से अब तक नहीं लगाया गया। हालांकि, कई घाटों पर निगम की ओर से पूजन सामग्री कुंड बनाया गया है, ताकि पानी में लोग सामग्री न फेंके, लेकिन अधिकतर लोग कुंड में सामग्री फेंकने की बजाय सीधे पानी में फेंक दे रहे हैं।

महापर्व पर नहीं रहेगा भद्रा का कोई असर
रांची। लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत 11 नवंबर (रविवार) से होगी। इस दिन नहाय खाय है। वहीं 12 तारीख (सोमवार) को खरना और 13 नवंबर (मंगलवार ) को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा। वहीं, 14 नवंबर (बुधवार) को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा। पंडित विपिन कुमार पांडेय ने काशी विश्वनाथ पंचांग, महावीर पंचांग और मिथिला पंचांग के आधार पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नहाय-खाय के दिन रविवार को दिन के 10 बजे से 10:41 बजे तक भद्रा है, लेकिन इसका कोई दुष्प्रभाव या दुष्परिणाम नहीं होंगा। 41 मिनट का यह भद्रा छठ महापर्व पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालेगा।

13 की शाम 5.25 बजे शाम का अर्घ्य
पंचांग के अनुसार 13 नवंबर को शाम 5:25 बजे सूर्य भगवान अस्त होंगे, ऐसे में छठ व्रती आधे घंटे पूर्व से जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देना प्रारंभ कर दें और यह अर्घ्य देने का क्रम तब तक जारी रखें, जब तक भगवान अस्त नहीं हो जाते। वहीं 14 नवंबर को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ का समापन होगा। 14 नवंबर को भगवान सूर्य 6:35 बजे उदय होंगे। इसके पूर्व से छठव्रती स्नान कर जल में खड़े हो सकते हैं और सूर्य उदय के बाद सूर्य को अर्घ्य दें।

रविवार से ही रवि से जुड़े पर्व की शुरुआत
पंडित विपिन कुमार पांडेय ने बताया कि इस बार की छठ पूजा बेहतर फलदायी साबित होगी, क्योंकि इसकी शुरुआत रविवार को हो रही है। यह दिन भगवान सूर्य के नाम से ही शुरू होता है। इस दिन सामान्य दिनों में भी लोग भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करते हैं।

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