चतरा। झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड विकास मोर्चा की टिकट पर चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल होनेवाले झाविमो के छह विधायकों की विधायकी जायेगी। भाजपा में शामिल होनेवाले सभी विधायकों ने संविधान के खिलाफ जाकर पैसा लेकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। बिकनेवाले विधायकों की विधायकी हर हाल में जायेगी। मरांडी ने उक्त बातें शनिवार को चतरा जिला के लमटा, लावालौंग, सिमरिया और टंडवा में हल्ला बोल-पोल खोल कार्यक्रम के तहत जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।

मरांडी ने कहा कि संविधान इस बात की इजाजत नहीं देता है कि किसी पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतनेवाला सांसद या विधायक दूसरी पार्टी में शामिल हो जाये, लेकिन ऐसा कुकृत्य सरकार के इशारे पर झाविमो के गणेश गंझू समेत छह विधायकों ने किया है। संवैधानिक तरीके से पार्टी इसकी लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि बिकने वाले विधायक किसी भी सूरत में नहीं बचेंगे। मरांडी ने केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इनकी नीतियों से जनता को नुकसान ही उठाना पड़ा है। कहा कि राज्य सरकार ने 11 लाख गरीबों का राशन कार्ड रद्द करवा दिया।

हल्ला बोल पोल खोल कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव खालिद खलील, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, केंद्रीय महासचिव (महिला मोर्चा) शारदा देवी, सिमरिया प्रखंड अध्यक्ष सलीम अख्तर, लावालौंग प्रखंड अध्यक्ष एनामुल खान, केंद्रीय किसान मोर्चा के जीतन राम ने अपने विचार रखे। मौके पर जिला अध्यक्ष तिलेश्वर पासवान, मुमताज खान, पूर्व जिला अध्यक्ष बालेश्वर यादव, केंद्रीय सदस्य बाल गोविंद राम, छठू सिंह भोक्ता, रिटायर हेडमास्टर मो आलम, राजू दास, शेखर सिंह, लुकन दांगी समेत अन्य उपस्थित थे।

गाड़ी में तेल भरवाने के नाम पर पांच घंटे तक काफिले को रोके रखा प्रशासनः जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का काफिला पांच घंटे तक रुका रहा। पूर्व मुख्यमंत्री शुक्रवार से चतरा जिले में पोल खोल-हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत सभाएं कर रहे हैं। शनिवार को उन्हें लावालौंग में कार्यक्रम करना था। कार्यक्रम का समय दस बजे निर्धारित था। इसे लेकर झाविमो ने जिला प्रशासन को सुचना दे दी थी। सुबह आठ बजे से ही झाविमो के कार्यकर्ता उनकी सरकारी गाड़ी में तेल डलवाने के लिए जिला प्रशासन से आग्रह करते रहे, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी। अंतत: बाबूलाल मरांडी साढ़े बारह बजे तक इंतजार किये और अंत में कार्यकर्ता की गाड़ी से कार्यक्रम स्थल रवाना हुए। मालूम हो कि बाबूलाल मरांडी को सरकार की तरफ से जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। उनका जिस इलाके में कार्यक्रम चल रहा है, वह घोर नक्सली एरिया है। इलाके में कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था, लेकिन किसी भी तरह की सूचना सुरक्षाबलों को नहीं दी जा रही थी।

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